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चुनाव निपटते ही एक्शन में CM योगी, राजभर को मंत्रिमंडल से किया बर्खास्त

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लोकसभा चुनाव निपटते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न निगमों व आयोगों में तैनात राजभर की पार्टी सुभासपा के आठ नेताओं को भी हटा दिया गया है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह पहले ओमप्रकाश  राजभर को हटाने संबंधी सिफारिश राज्यपाल रामनाईक से की। सीएम ने ट्वीट कर इस फैसले को सार्वजनिक किया। सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर प्रदेश सरकार में दिव्यांगजन व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री थे। वैसे तो राजभर की भाजपा से तनातनी पहले से ही चल रही थी लेकिन लोकसभा चुनाव के वक्त तो यह और बढ़ गई। राजभर खुले आम भाजपा की तीखी आलोचना करने लगे। यही नहीं उन्होंने भाजपा के खिलाफ कई सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। भाजपा ने इसे गंभीरता से लिया। वैसे भाजपा ने उसी वक्त  ओमप्रकाश राजभर को हटाने का मन बना लिया था लेकिन चुनाव के दौरान भाजपा ऐसा कोई कदम नही उठाना चाहती थी कि जिससे ओम प्रकाश राजभर को सहानुभूति बटोरने का मौका मिले और राजभर समुदाय में भाजपा को लेकर कोई गलतफहमी हो। जैसा ही सातवें चरण का चुनाव निपटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बर्खास्त करने में देर नहीं लगाई। 

निगमों और परिषदों में तैनात सुभासपा के पदाधिकारी भी हटाए गए
 

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को प्रदेश मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के साथ ही प्रदेश सरकार ने इनकी पार्टी से निगमों और परिषदों में तैनात पदाधिकारियों को भी हटाने का आदेश दे दिया है। आम चुनाव की अधिसूचना जारी होने से महज कुछ घंटे पहले ही इन्हें तैनात किया गया था। 

राजभर के बेटे सहित आठ नेता हुए पैदल
प्रदेश सरकार ने ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर सहित पार्टी के उन सभी नेताओं को निगम और परिषदों से हटाने का आदेश दिया है। अरविंद राजभर के पास उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष की जिम्मेदारी थी। इनके अलावा उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष राणा अजित प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के सदस्य सुदामा राजभर, उत्तर प्रदेश राज्य एकीकरण परिषद के सदस्य सुनील अर्कवंशी, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं विकास निगम के सदस्य महेश प्रजापति तथा उत्तर प्रदेश राज्य एकीकरण परिषद की सदस्य श्रीमती राधिका पटेल , गंगाराम राजभर और वीरेंद्र राजभर को उनके पदों से हटाने का आदेश दिया गया है।

आचार संहिता के कारण कोई काम नहीं कर सके थे
निगमों और परिषदों के पदों से हटाए गए सुभासपा के नेताओं को एक भी दिन काम करने का मौका नहीं मिला। आम चुनाव की अधिसूचना जारी होने से चंद घंटे पूर्व ही प्रदेश सरकार ने इन नेताओं को मनोनीत किया था। अधिसूचना जारी होने की संभावना को देखते हुए भागते दौड़ते हुए इन नेताओं ने जैसे तैसे पदभार ग्रहण कर लिया था।

अनिल राजभर का बढ़ सकता है कद 
भाजपा विधायक व योगी सरकार में राज्यमंत्री अनिल राजभर का कद बढ़ सकता है। उन्हें ओमप्रकाश राजभर की जगह कैबिनेट  मंत्री बनाया जा सकता है।  
 

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  • Web Title:UP CM Office says CM has requested Governor to dismiss Suheldev Bhartiya Samaj Party chief OM Prakash Rajbhar