यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू
फतेहपुर। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026-27 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यालयों को 20 जुलाई तक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी अपलोड करनी है। इसके बाद 18 सितंबर तक परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे। सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

फतेहपुर। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026-27 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यालयों को 20 जुलाई तक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी अपलोड करनी है। इसके बाद जिला स्तर पर विद्यालयों के सत्यापन के बाद 18 सितंबर तक परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे। इस संबंध में डीआईओएस की तरफ से सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिया गया है। केन्द्र निर्धारण नीति के अनुसार 20 जुलाई तक परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए विद्यालयों को अवस्थापना, भौतिक संसाधनयुक्त सुविधाओं और आधारभूत सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करनी हैं।
सत्यापन प्रक्रिया
इसके बाद तीन अगस्त तक परिषद की वेबसाइट पर विद्यालयों की तरफ से डाली गईं सूचनाओं का डीएम द्वारा गठित तहसील स्तरीय समिति सत्यापन करेगी। ऑनलाइन सूचना अपलोड होने के बाद तहसील स्तरीय समितियां विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करेंगी। सत्यापन का कार्य तीन अगस्त तक पूरा होगा, जबकि सत्यापन के आधार पर संशोधित सूचनाएं 10 अगस्त तक वेबसाइट पर अपडेट की जाएंगी। इसके बाद 17 अगस्त तक संभावित परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। सूची जारी होने के बाद विद्यालयों की मान्यता, छात्र आवंटन, दूरी और अन्य बिंदुओं पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए 22 अगस्त से 14 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। 18 सितंबर तक परीक्षा केंद्रों का अंतिम निर्धारण पूरा किया जाएगा।
आधारभूत सुविधाएं
बोर्ड के पोर्टल जानकारी करनी है अपलोड
परीक्षा केंद्र बनाए जाने के इच्छुक विद्यालयों को 20 जुलाई तक बोर्ड के निर्धारित पोर्टल पर विद्यालय की सभी आधारभूत सुविधाओं का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा। इसमें कक्षों की संख्या, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट सहित अन्य व्यवस्थाओं का विवरण शामिल रहेगा।
कोट.....
सभी विद्यालय तय समय पर सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। किसी प्रकार की गलत सूचना या निर्धारित समय के भीतर विवरण उपलब्ध न कराने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। परीक्षा केंद्र निर्धारण पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत किया जाएगा।
-राकेश कुमार, डीआईओएस


