हत्या की कई घटनाओं को आज तक नहीं सुलझा सकी है दुमका पुलिस

हिन्दुस्तान, दुमका
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-दुमका जिला में चार हत्या की घटना में दो शवों की हुई पहचान, पर आज तक पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाईहत्या के कई घटनाओं को आज तक नहीं सुलझा सकी है दु

हत्या की कई घटनाओं को आज तक नहीं सुलझा सकी है दुमका पुलिस

दुमका। दुमका जिला में हुए हत्या के कई मामलों का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। ऐसे मामलों में फोरेंसिक जांच में देरी और शुरुआती लापरवाही के कारण हत्या की घटना अनसुलझी बनकर रह गई है। दुमका जिला में हत्या के ऐसे पांच मामले में है, जिनकी पुलिस ने अब तक न तो शव की शिनाख्त कर पाई और न ही हत्यारे को खोज पाई है। कई शवों की शिनाख्त भी हो गई है तो पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। कई हत्या कांड में पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन भी किया था, पर लंबे अंतराल के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली है। कई हत्या कांड के फाइल को पुलिस ने तो बंद भी कर दिया है। जानकारी के अनुसार दो महिला सहित तीन लोगों के शवों की पहचान दो माह के बाद भी नहीं हो पाई है। अज्ञात शवों को 72 घंटे तक दुमका के शीतगृह में रखा गया था। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने सभी शवों को नगरपालिका के कर्मियों की मदद से दफना दिया। शवों के दफनाने के बाद भी परिजन खोजने तक नहीं आए है। वहीं पुलिस भी मामले को ठंडे वस्ते में डाल दिया है।

केस स्टडी-1

गोपीकांदर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियापानी (धबोरना) प्रधान टोला के एक कुएं से लापता 5 वर्षीय बालक के शव बरामद होने के बाद भी पुलिस ने अब तक अपराधियों की तलाश नहीं कर पाई है। पुलिस को आशंका है कि बालक की मां और उसके तथाकथित प्रेमी ने ही हत्या की घटना को अंजाम दिया है,पर पुलिस अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पाई है। महिला का पति से संबंध अच्छे नहीं थे। पति से वह अलग रहती है। घटना के वक्त महिला के पास ही बच्चा सोया हुआ था। अचानक देर रात में आधा किमी दूर जाकर कुएं में बच्चा कैसे डूबा और उसकी मौत हो गई। यह अभी भी एक पहेली बनी हुई है। गोपीकांदर थाना की पुलिस भी इस मामले को दबाने की फिराक में है। पुलिस अब मामले के उद्भेदन करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। घटना को अब एक माह होने को है। बता दें कि 5 वर्षीय बालक का शव गोपीकांदर के धबोरना गांव के एक कुएं से बरामद हुआ था। शव की शिनाख्त गांव के ही सुरेश टुडू के रूप में हुई थी। वह अपनी मां के साथ नाना-नानी के घर पर रह रहा था। 20 जून की देर रात में वह अचानक लापता हो गया था।

केस स्टडी-2

शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के झुनकी बाड़ी टोला के पास से बरामद 35 वर्षीय महिला के शव की न तो पहचान हो पाई और न ही हत्या की गुत्थी सुलझ पाई। यह हत्या की गुत्थी भी अब अनसुलझी बनकर रह गई। शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस ने भी मामले के फाइल को बंद कर दिया है। घटना स्थल पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र में है। पुलिस को आशंका है कि मृतका पश्चिम बंगाल की होगी और उसकी हत्या कर सुनसान जंगल के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने शव की शिनाख्त करने के लिए 72 घंटे तक दुमका के शीतगृह में सुरक्षित रखा,पर शिनाख्त नहीं हुई। पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज मामले की फाइल को बंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि शिनाख्त होने के बाद ही हत्या की गुत्थी सुलझ पाएगी। बता दें कि दुमका जिला में ऐसे कई अज्ञात शवों की पहचान वर्षो के बाद भी नहीं हो पाई है। यहां तक कि कुछ साल बीत जाने के बाद अज्ञात शवों के कोई सबूत भी नहीं मिलते है। इस मामले में दुमका की पुलिस गंभीर नहीं है। अज्ञात शवों की पहचान के लिए अखबार व सोशल मीडिया के माध्यम से पर्याप्त ढंग से प्रसारित नहीं किया जाता है। इस वजह से मृतक के सगे-संबंधी जानकारी के अभाव में नहीं आ पाते है।

केस स्टडी-3

नोनीहाट के धोबैय नदी के पास से बरामद युवक के शव की पहचान आज तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव की पहचान करने के लिए दुमका के पोस्टमार्टम हाउस के शीतगृह में सुरक्षित रखा था,पर निर्धारित समय में परिजन नहीं आए। परिजनों के नहीं पहुंचने पर युवक के शव को अज्ञात मानकर नगरपालिका के कर्मियों की मदद से पुलिस ने दफना दिया। पुलिस को आशंका है कि युवक की हत्या कहीं दूसरे जगह पर की गई और शव को वाहन में लोड कर नदी के पास सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। युवक बिहार राज्य के ही किसी जिले के होने की आशंका है। पुलिस ने युवक के तस्वीर को पड़ोसी थाने को भेजवाया था,पर वहां की पुलिस पहचान नहीं कर पाई। यह घटना भी अब अनसुलझी बनकर रह गई। कुछ लोगों का मानना है कि युवक की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई होगी। हत्या कर शव को सुनसान क्षेत्र में फेंक दिया गया,ताकि शव की पहचान नहीं हो और हत्या की गुत्थी भी पहेली बनकर रह जाए। हंसडीहा की पुलिस भी मामले को ठंडे वस्ते में डाल दिया है। घटना डेढ़ माह से अधिक दिन बीत चुके है।

केस स्टडी-4

दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड अंतर्गत जीतपुर गांव के जंगल से एक महिला के शव को बरामद किया गया था। महिला के शव की पहचान भी हो गई है। महिला के परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या करने की आशंका जताई थी। डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच पड़ताल के लिए बुलाई गई थी,पर आज तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। शव 21 मई को बरामद की गई थी। डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुके है,पर पुलिस न तो अपराधियों की तलाश कर पाई है और न ही घटना को सुलझा पाई है। महिला पूरी तरह से नग्न अवस्था में मिली थी। महिला शौच करने के लिए जोरिया गई थी। इसी बीच उसकी हत्या कर शव को सुनसान क्षेत्र में फेंक दिया गया था। पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। इस वजह से पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। घटना के दिन केवल खानापूरी पूरी करने के लिए डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर जांच पड़ताल की गई। लोगों को भी लगा था कि पुलिस जल्द ही अपराधियों तक पहुंच जाएगी,पर डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पाई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और दुमका पुलिस के लिए चुनौती भी। ऐसी घटना का उद्भेदन नहीं कर पाना पुलिस के कार्यशैली पर भी सवाल उठती है।

सामान्य प्रश्न

दुमका में कितने हत्या के मामले अनसुलझे हैं?
दुमका में हत्या के ऐसे पांच मामले हैं जिनका पुलिस ने अब तक समाधान नहीं किया है।
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