डॉ. अनिल सुलभ का निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। डॉ. अनिल सुलभ के नामांकन में कोई अन्य प्रत्याशी नहीं हैं, जिससे उनका निर्विरोध चुनाव तय है। नामांकन की जांच सोमवार शाम को होगी। यदि सभी प्रपत्र सही पाए गए, तो वे अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होंगे।

आगामी कार्यकाल के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर हो रहे निर्वाचन के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। इससे डॉ. अनिल सुलभ का अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने जाने का रास्ता भी साफ हो गया है। चूंकि नामांकन के अंतिम दिन तक केवल डॉ. अनिल सुलभ की ओर से ही कुल 10 (सेट) में नामांकन-प्रपत्र भरे गए और किसी भी अन्य ने अपना नामांकन नहीं किया। सोमवार की शाम चार बजे नामांकन प्रपत्रों की जांच होगी। यदि डॉ. सुलभ की ओर से भरा गया एक भी नामांकन-प्रपत्र सही पाया जाएगा, तो उनका निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होना तय है।
रविवार को भी डॉ. सुलभ की ओर से छह सेट में निर्वाचन पदाधिकारी पंडित जी पांडेय, सहायक निर्वाचन पदाधिकारी धनंजय चौबे और राधे रमण (तीनों अधिवक्ता पटना उच्च न्यायायालय) के समक्ष नामांकन किए गए। प्रत्येक सेट के लिए दस निर्वाचक सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दी। रविवार को प्रस्तावक के रूप में प्रेमलता मिश्र 'प्रेम', डॉ. पूनम आनन्द, आराधना प्रसाद, डॉ. सुमेधा पाठक, डॉ. पूनम देवा, अभिलाषा कुमारी, डॉ. सीमा रानी, उत्तरा सिंह, डॉ. नीतू, राजकांता राज, डॉ. कुमार अरुणोदय, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, ब्रह्मानन्द पांडेय आदि रहे।


