इविवि के छात्रों को 54 मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स का विकल्प
प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के तहत 54 मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को विभिन्न विषयों के ज्ञान और रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करना है। इनमें रिमोट सेंसिंग, जलवायु परिवर्तन, भारतीय अर्थव्यवस्था, आदि जैसे विषय शामिल हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों की फीस 500 रुपये है।

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत छात्रों के लिए 54 मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी) शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को अपने मुख्य विषय के अलावा अन्य क्षेत्रों का ज्ञान देना, नई तकनीकों से परिचित कराना और रोजगारोन्मुख कौशल विकसित करना है। इन कोर्सों में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस, ग्रामीण विकास, न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज, भारत की विदेश नीति, ई-गवर्नेंस, पब्लिक पॉलिसी, करियर प्लानिंग, आयकर रिटर्न फाइलिंग, फिल्म दर्शन, टेक्नोलॉजी की नैतिकता, वेदिक गणित, भारतीय अर्थव्यवस्था, लोककला, पर्यटन, गांधीवादी विचार, संस्कृत, हिंदी और दर्शन जैसे विषय शामिल किए गए हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग और केंद्र इन कोर्सों का संचालन करेंगे।
अधिकांश पाठ्यक्रमों की फीस 500 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, मैटेरियल्स फॉर इम्प्लांट्स, बेसिक्स ऑफ एटमॉस्फेरिक साइंस और इंट्रोडक्शन टू ओशन साइंस जैसे कुछ कोर्स निशुल्क होंगे। रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तथा पार्टिसिपेटरी रूरल एंड टाउन प्लानिंग जैसे कोर्सों की फीस 1000 रुपये रखी गई है। विश्वविद्यालय का मानना है कि बहुविषयक शिक्षा से छात्रों की रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की समझ विकसित होगी। ये एमडीसी कोर्स छात्रों को अपने विषय के साथ अन्य क्षेत्रों की समझ भी देंगे। इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, साथ ही वे समकालीन सामाजिक और वैश्विक चुनौतियों को समझने में भी अधिक सक्षम बन सकेंगे।


