मविवि में पीएचडी के दस प्रतिशत शोधार्थियों को हॉस्टल देने का निर्णय

हिन्दुस्तान, गया
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मविवि में पीएचडी के दस प्रतिशत शोधार्थियों को हॉस्टल देने का निर्णय • छात्रावास आवंटन को लेकर कुलपति कार्यालय में हुई बैठक • जेआरएफ प्राप्त शोधार्थिय

मविवि में पीएचडी के दस प्रतिशत शोधार्थियों को हॉस्टल देने का निर्णय

विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे शोधार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार शोधार्थियों को छात्रावास सुविधा देने का निर्णय लिया है। अब प्रत्येक विभाग में पीएचडी में नामांकित शोधार्थियों में से 10 प्रतिशत को छात्रावास आवंटित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जेआरएफ प्राप्त शोधार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। छात्रावास आवंटन को लेकर शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया

कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी ने छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया। तय व्यवस्था के अनुसार सभी विभाग अपने यहां पीएचडी में नामांकित शोधार्थियों के आधार पर पात्र 10 प्रतिशत छात्रों की सूची तैयार करेंगे। विभागों द्वारा तैयार सूची संबंधित छात्रावास अधीक्षकों को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले को शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छात्रावास सुविधा मिलने से दूर-दराज से आने वाले शोधार्थियों को आवास की समस्या से राहत मिलेगी और उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के निकट रहकर शोध कार्य करने का बेहतर अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे शोध कार्यों की गुणवत्ता और गति को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी, छात्रावास वार्डन प्रो. मुकेश कुमार सहित विभिन्न छात्रावासों के अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार रंजन, डॉ. अनूप कुमार भारद्वाज, डॉ. श्वेता गोयल, डॉ. पिंटू कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

बैठक की जानकारी

(बोधगया से रविशंकर कुमार की रिपोर्ट)

सामान्य प्रश्न

✦छात्रावास सुविधा कब उपलब्ध होगी?−
छात्रावास सुविधा को लेकर शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
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