एनआईओएस के प्रमाणपत्र को मिले सरकारी संरक्षण
अलीगढ़ में यूनिवर्सल कम्युनिटी हेल्थ एजुकेशन इंस्टीट्यूट में एनआईओएस द्वारा संचालित जन स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पर चर्चा हुई। डॉ. एचएस यादव ने बताया कि यह पाठ्यक्रम प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, और टीकाकरण का प्रशिक्षण देता है। डॉक्टरों की कमी के चलते सरकार को प्रशिक्षित समुदाय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समर्थन देना चाहिए।

अलीगढ़। यूनिवर्सल कम्युनिटी हेल्थ एजुकेशन इंस्टीट्यूट, अवतार नगर में एनआईओएस द्वारा संचालित जन स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (कम्युनिटी हेल्थ) पाठ्यक्रम पर विचार-विमर्श के लिए बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा ने की। संचालन कर रहे एनआईओएस के कोऑर्डिनेटर डॉ. एचएस यादव ने बताया कि एनआईओएस का यह पाठ्यक्रम प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आपातकालीन चिकित्सा व मरीजों को उचित चिकित्सक तक रेफर करने का प्रशिक्षण देता है। उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार को प्रशिक्षित कम्युनिटी हेल्थ वर्करों को संरक्षण देना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत हों।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2000 से अब तक कई बार केंद्र और राज्य सरकार को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। अध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि यह प्रमाणपत्र वर्तमान समय में बेहद उपयोगी है। इसे अस्पतालों में कार्यरत कंपाउंडरों सहित स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। बैठक में डॉ. एनएस तिवारी, डॉ. मोहम्मद ताहिर खान, विनोद कुमार सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।


