पौधों को बांधे कच्चे धागे.. बनाया पक्का रिश्ता
पीलीभीत के लोगों ने ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से बचाने के लिए रक्षाबंधन पर विशेष पौधरोपण अभियान शुरू किया। बहनों ने नए लगाए गए पौधों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का वचन दिया। इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया और भाई-बहन के रिश्ते को प्रकृति से जोड़ा।

पीलीभीत। वरिष्ठ संवाददाता वन्यजीवों की चिंता और फिक्र करने वाले तराई के लोगों ने ग्लोबल वार्मिंग के असर से दूर एक अनूठी पहल की। मां बहन की तरह ही धरा की चिंता करने वाले पौधों से तराई के लोगों ने खास रिश्ता जोड़ लिया है।कच्चे धागों से अनमोल रिश्ता बनाने वालों की इस पहल की जमकर प्रशंसा हो रही है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पीलीभीत-बनकटी मार्ग स्थित कार्यालय फील्ड डायरेक्टर के सामने एक विशेष और भावनात्मक पौधरोपण समाज को संदेश दे गया। वर्ष 1970 के दशक में पहाड़ों पर वनों की कटाई के विरोध में शुरू हुए चिपको आंदोलन की बात हो या हाल ही में पहाड़ों पर विकास को रफ्तार देने के लिए कई पेड़ों के काटने की तैयारी की बात हो।
वहां के लोगों द्वारा देवदार के पेड़ों को रक्षासूत्र बांध कर बचाने की अनूठी मिसाल पेश की थी। कुछ उसी क्रम में यहां पौधे रोपने को खास मुहिम रक्षाबंधन के दिन से शुरू कर दी गई है। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के इस त्योहार को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पीलीभीत रेंज में बड़े उत्साह के साथ पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान उपस्थित बहनों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि नव-रोपित पौधों की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनकी आजीवन सुरक्षा का संकल्प लिया और समाज को प्रकृति संरक्षण का एक अनूठा संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रभागीय वन अधिकारी पीटीआर मनीष सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ उप प्रभागीय वन अधिकारी (वन एवं वन्य जीव प्रभाग) रमेश चौहान, क्षेत्रीय वन अधिकारी विनीत प्रकाश श्रीवास्तव तथा उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शेरसिंह ने भी सहभागिता की। पीटीआर कॉलोनी से आई बहनों और वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। अधिकारियों ने बहनों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी तरह इन पौधों को रक्षासूत्र बांधकर हमें प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प भी लेना चाहिए।


