आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण भी, परंपरा भी कार्यक्रम
धनबाद में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण दिवस और गणेश चतुर्थी का आयोजन किया गया। बच्चों और सेविकाओं ने मिलकर भगवान गणेश की आकृति बनाई। इस कार्यक्रम ने पोषण जागरूकता और सांस्कृतिक परंपरा को जोड़ा, जिससे बच्चों में रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिला।

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण दिवस और गणेश चतुर्थी के पावन पर्व का अनूठा समन्वय देखने को मिला। विशेष कार्यक्रम में पोषण भी, परंपरा भी के संदेश को जीवंत करते हुए बच्चों, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका व पोषण सखियों ने उत्साह के साथ सहभागिता दर्ज कराई। सेविकाओं और नन्हें-मुन्ने बच्चों ने विभिन्न प्रकार के अनाज, दाल व खाद्य सामग्री का उपयोग कर भगवान गणेश की मनमोहक व आकर्षक आकृति बनाई। रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से खेल-खेल में बच्चों को विभिन्न प्रकार के अनाज के पोषक तत्व और संतुलित आहार के महत्व से परिचित कराया गया।
अभिभावकों को भी परिवार के खानपान में विविधता लाने, स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। सांस्कृतिक परंपरा को पोषण जागरूकता से जोड़कर आयोजित किए गए इस नवाचार ने बच्चों में रचनात्मकता, सीखने की ललक और सामूहिक सहभागिता की भावना को सशक्त किया।


