DA Image
1 जुलाई, 2020|11:33|IST

अगली स्टोरी

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों को करेंगे बैन

union minister nitin gadkari addressing madhya pradesh jan samvad rally from nagpur  file pic

चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा पर जारी तनातनी के बीच जहां एक तरफ भारत सरकार की तरफ से 50 चीनी मोबाइल ऐप को बैन कर बड़ा झटका दिया गया है तो वहीं सरकार ने बीजिंग के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि देश के अंदर हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीन की कंपनियों को बैन किया जाएगा और वे हाईवे प्रोजेक्ट्स में साझीदार भी नहीं हो पाएंगी।

उन्होंने कहा कि चीन कंपनियों पर बैन को लेकर जल्द नीति लाएंगे। केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एमएसएमई में भी चीनी कंपनियों को प्राथमिकता नहीं देंगे।  गडरी ने कहा कि सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि चीनी निवेशक कई अन्य सेक्टर्स जैसे- लघु, छोटे और मध्य उद्यमों में प्रवेश न कर पाएं। भारत चीन के बीच लद्दाख में हुए विवाद में पिछले महीने 20 भारतीय सेना के शहीद होने के बाद केन्द्रीय मंत्री का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है।

एलएसी पर तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए 50 ऐप के बैन लगाया है, जिनमें ज्यादातर चीन से संबंधित है। केन्द्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री ने कहा कि हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों को बैन लगाने, भारतीय कंपनियों इन प्रोजेक्ट्स में लाने के लिए रियायतें दी जाएंगी। वर्तमान में कुछ ही प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जो काफी पहले के हैं उनमें कुछ चीनी साझेदारी शामिल है। जब इस बारे में पूछा गया तो गडकरी ने कहा कि नया फैसला वर्तमान और भविष्य के टेंडर्स दोनों पर लागू होगा।

 

ये भी पढ़ें: चीन ने पीएम मोदी के वीबो अकाउंट किया ब्लैंक, हटाए फोटो और पोस्ट्स

उन्होंने कहा, “हमने अपनी भारतीय कंपनियों के लिए नियमों में छूट का फैसला किया है ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वह योग्य हो पाएं। मैंने राजमार्ग सचिव (गिरधर अरमाने) और एनएचएआई चेयरमेन (एस.एस. संधु) से कहा कि वे तकनीकी और वित्तीय नियमों में छूट को लेकर बैठक करें ताकि हमारी कंपनियों काम के लिए इसमें क्वालिफाई कर पाएं।”

 

उन्होंने विस्तार में इसे समझाया, ''यदि कोई ठेकेदार कंपनी किसी छोटी परियोजना के लिए चयनित होने की योग्यता रखता है तो वह बड़ी परियोजनाओं के लिए भी योग्य हो सकती है। निर्माण से जुड़े नियम सही नहीं हैं इसलिए मैंने इन्हें बदलने के लिए बोला है। ताकि हम भारतीय कंपनियों को प्रोत्साहित कर सकें।''

मंत्री ने कहा कि इन नियमों में बदलाव इस तरह किया जाएगा कि घरेलू कंपनियों को किसी विदेशी भागीदार के साथ संयुक्त उपक्रम न बनाना पड़े। गडकरी ने कहा कि यदि कोई कंपनी प्रौद्योगिकी, परामर्श और डिजाइन के लिए भी चीनी कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाती है तो हम उसे काम करने की अनुमति नहीं देंगे।

एमएसएमई क्षेत्र के बारे में गडकरी ने कहा कि एक तरफ तो हमें स्थानीय उत्पादन की क्षमता बढ़ानी है। दूसरी तरफ विदेशी निवेश को भी प्रोत्साहित करना है। लेकिन यह बात स्पष्ट है कि विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने के निर्णय के बावजूद हम चीनी निवेशकों को अनुमति नहीं देंगे।

भारतीय बंदरगाहों पर चीनी सामान को रोके जाने के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि बंदरगाहों पर सामान को 'मनमाने तरीके से नहीं रोका जा रहा है। बल्कि सरकार की कोशिश देश को आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए घरेलू एमएसएमई और घरेलू कारोबारों के लिए अधिक सुधारवादी कदम उठाने की है।  

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Union Transport and Highway Minister Nitin Gadkari says Chinese companies will be banned in highway projects