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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले- केंद्र सरकार विधेयक पास कराना चाह रही, अड़ंगा बन रही कांग्रेस

Ravi Shankar prasad

पत्नी ने रोटी जली हुई बनाई या सुबह उठने में देर हो गई तो पति ने तलाक दे दिया। करीब एक साल पूर्व आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से 350-400 नए मामले आ चुके हैं। लेकिन कांग्रेस ‘तीन तलाक’ के खिलाफ विधेयक को पारित नहीं होने दे रही। कानून के अभाव में पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। हम किस युग में इन बेटियों को जीने पर मजबूर कर रहे हैं? यह सवाल केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद उठाते हैं।
 
उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’से विशेष बातचीत में कहा कि हम इस विधेयक को मानसून सत्र के आखिरी दिन पारित कराना चाहते थे। विपक्ष ने विधेयक पर जो आपत्तियां उठाई थीं, उन्हें भी हमने दूर कर दिया। इनमें आरोपी को मजिस्ट्रेट से जमानत, सुलह का मौका और परिवार के लोगों द्वारा ही एफआईआर दर्ज कराने की बात शामिल है। जो अनावश्यक भ्रम फैलाया गया था, उसका निराकरण कर दिया। लेकिन वह फिर भी इसे टरकाना चाहती है। 

मैंने खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बात की कि जो चिंताएं आपने व्यक्त की थी, वह दूर कर दी हैं। लेकिन उन्होंने नई रट लगा दी कि इसे चयन समिति को भेजो। ‘लेकिन क्यों भेजो? आपको दिक्कत क्या है, इसका कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है।’ प्रसाद कहते हैं कि उन्हें कांग्रेस से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं थी। वह कहते हैं, ‘कांग्रेस वोटों की सियासत के लिए इतना गिर जाएगी, मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी।’

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केंद्रीय मंत्री बोले, मैंने सदन में कहा कि कोई और सुझाव हो तो बताएं। यहीं पर समाधान किया जाएगा, लेकिन उनके पास कहने को कुछ नहीं बचा है। वह विधेयक को लटकाना चाहती है। शाहबानो (1985) से सायराबानो (2017-18) तक कांग्रेस का एक ही दुख है कि वह मुस्लिम कट्टरपंथियों की पार्टी बन गई है। विधेयक पर आगे की रणनीति क्या होगी? केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद जवाब में कहते हैं, ‘आगे तय करेंगे। क्या अध्यादेश लाएंगे या अगले सत्र का इंतजार करेंगे? अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।’


प्रसाद बोले, केंद्र सरकार पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के साथ
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद से तीन तलाक के 350 से 400 नए मामले आ चुके हैं। लेकिन बिना किसी कानून के गिरफ्तारी मुश्किल होती है। यदि पुलिस ऐसे मामले में मुकदमा दर्ज करती भी है तो उसे गिरफ्तारी के लिए अदालत से अनुमति लेनी पड़ेगी। जब तक इस पर दोनों सदनों से कानून पारित नहीं हो जाता, तब तक मुस्लिम महिलाओं को ‘तीन तलाक’ से छुटकारा नहीं मिलेगा। रविशंकर प्रसाद ने एक बार फिर दोहराया कि हमारी सरकार ‘तीन तलाक’ से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के साथ हमेशा खड़ी है।  

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  • Web Title:Union minister Ravi Shankar Prasad says the Central Government wants to pass the bill