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'हमें आजादी और प्रजातंत्र पर लेक्चर ना दें', केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया कंपनियों को चेताया

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nishant Nandan
Sat, 19 Jun 2021 10:38 PM
'हमें आजादी और प्रजातंत्र पर लेक्चर ना दें', केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया कंपनियों को चेताया

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दो टूक से कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भारत को अभिव्यक्ति की आजादी और प्रजातंत्र पर लेक्चर ना दें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पैसे कमाने वाले ऐसी कंपनियां अगर भारत में पैसा कमाना चाहती हैं तब उन्हें भारतीय संविधान और यहां के कानून को मानना ही होगा। सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा सिम्बायोसिस स्वर्ण जयंती व्याख्यान श्रृंखला के तहत आयोजित 'सोशल मीडिया एवं सामाजिक सुरक्षा तथा अपराध न्याय प्रणाली सुधार : एक अधूरा एजेंडा विषय पर व्याख्यान देते हुए मंत्री ने कहा कि नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) दिशानिर्देश सोशल मीडिया के इस्तेमाल से संबंधित नहीं हैं लेकिन सोशल मीडिया मंचों के “दुष्प्रयोग” और “गलत इस्तेमाल” से निपटते हैं।

रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दो टूक कहा कि 'यह बेसिक जरुरते हैं। मुझे दोबारा जोर से दोहराने दीजिए कि प्रॉफिट कमाने वाली वैसी कंपनी जो अमेरिका में बैठी है उसे भारत को अभिव्यक्ति की आजादी और प्रजातंत्र पर भाषण देने की जरुरत नहीं है। भारत में आजादी के साथ निष्पक्ष चुनाव होते हैं। हमारे यहां न्यायालय स्वतंत्र है। मीडिया, सिविल सोसायटी को स्वतंत्रता मिली हुई है। मैं यहां छात्रों से बातचीत कर रहा हूं और उनके सवाल भी ले रहा हूं। सहीं मायने में प्रजातंत्र यही है। इसलिए ये कंपनियां हमें प्रजातंत्र पर भाषण ना दें।'

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि 'जब भारतीय कंपनियां व्यापार करने अमेरिका में जाती हैं तो क्या वो अमेरिकी कानून को नहीं मानती हैं? भारत एक डिजिटल मार्केट है और आप यहां से अच्छा पैसा कमाते हैं। इससे कोई समस्या नहीं है। प्रधानमंत्री की आलोचना कीजिए, मेरी आलोचना कीजिए, सवाल पूछिए लेकिन आखिर आप भारत के कानून क्यों नहीं मानेंगे? अगर आप भारत में बिजनेस करना चाहते हैं तो भारतीय संविधान और कानून को मानना ही पड़ेगा।' 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नए आईटी नियम इन मंचों का उपयोग करने वालों को उनकी शिकायतों के समाधान के लिये एक तंत्र उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य सोशल मीडिया फर्मों पर सामग्री को विनियमित करना और फेसबुक, व्हाट्सऐप तथा ट्विटर जैसों को पोस्ट को शीघ्रता से हटाने के लिये किये गए कानूनी अनुरोधों तथा संदेशों के प्रवर्तकों का विवरण साझा करने के अनुरोधों के प्रति और जवाबदेह बनाना है। 
      

रविशंकर प्रसाद ने कहा, “नए नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को भारत स्थित शिकायत निवारण अधिकारी, अनुपालन अधिकारी और नोडल अधिकारी की तैनाती करने की जरूरत है जिससे सोशल मीडिया के करोड़ों उपभोक्ताओं को उनकी शिकायतों के निवारण के लिये एक मंच मिल सके।” उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिये देश में स्थित तीन अधिकारियों की नियुक्ति के लिये कहकर कोई उनसे “कायनात” नहीं मांग रहा। 

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