DA Image
Wednesday, December 1, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ देशधारा 370 हटने के बाद जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट क्यों सस्पेंड किया गया? अमित शाह ने कर्फ्यू को लेकर भी दिया जवाब

धारा 370 हटने के बाद जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट क्यों सस्पेंड किया गया? अमित शाह ने कर्फ्यू को लेकर भी दिया जवाब

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीNishant Nandan
Sat, 23 Oct 2021 07:29 PM
धारा 370 हटने के बाद जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट क्यों सस्पेंड किया गया? अमित शाह ने कर्फ्यू को लेकर भी दिया जवाब

जम्मू कश्मीर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां कर्फ्यू क्यों लगाया गया और इंटरनेट सेवा क्यों बद हुई? अमित शाह ने कहा, 'लोग कर्फ्यू को लेकर और इंटरनेट सस्पेंड किये जाने को लेकर सवाल पूछते हैं। अगर वहां कर्फ्यू नहीं होता तो पता नहीं कितने लोगों की जान चली जाती। कश्मीरी युवाओं को कर्फ्यू और इंटरनेट सस्पेंड करने की वजह से ही बचाया जा सका। तीन परिवारों ने 70 साल तक राज किया...तब क्यों 40,000 लोग मारे गए।'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आतंकवाद घटा है, पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। मैं आपको आश्वस्त कर देना चाहता हूं कि जो कोई भी जम्मू कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। साल 2019 में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई गई थी और वहां इसके बाद एहतियात के तौर पर वहां इंटरनेट सस्पेंड किया गया था और वहां कर्फ्यू कई दिनों तक लगा रहा। सरकार ने इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से वहां इंटरनेट बहाल की थी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को श्रीनगर पहुंचे। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद केंद्र शासित प्रदेश की यह उनकी पहली यात्रा है। यहां पहुंचने के बाद वह सीधे इस साल आतंकवादियों के हमले में शहीद एक पुलिस अधिकारी के परिजनों से मिलने पहुंचे। बाद में उन्होंने घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। श्रीनगर हवाई अड्डे पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और सलाहकार फारुक खान ने शाह का स्वागत किया। शाह ऐसे समय में श्रीनगर पहुंचे हैं जब घाटी में कई जगह भारी बारिश और हिमपात हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि अगर मौसम ठीक रहा तो वह रविवार को जम्मू जाएंगे जहां वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर श्रीनगर लौटेंगे।

 


     
उनके एजेंडे में सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिवार से मुलाकात करना था। 22 जून को शहर के बाहरी इलाके नौगाम में मस्जिद में शाम की नमाज अदा कर लौट रहे अहमद को आतंकवादियों ने उनके घर के पास गोली मार दी थी। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और अहमद की विधवा फातिमा अख्तर को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी में नियुक्ति के दस्तावेज सौंपे।
     
बाद में शाह ने ट्वीट किया, ''आज शहीद परवेज अहमद डार के परिवार से मिला और उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुझे और देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है। जम्मू कश्मीर पुलिस नए जम्मू कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।''
     
नौगाम से वापसी के बाद शाह ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से आम नागरिकों ज्यादातर गैर-स्थानीय मजदूरों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की गई हत्याओं के बाद कश्मीर घाटी में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की।
     
अधिकारियों ने बताया कि यहां राजभवन में हुई बैठक के दौरान गृह मंत्री को केंद्र शासित प्रदेश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों और सुरक्षा बलों द्वारा घुसपैठ रोधी उपायों की जानकारी दी गई।
     
उन्होंने बताया कि बैठक में उप राज्यपाल और सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), पुलिस और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों सहित नागरिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शाह श्रीनगर-शारजाह की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी करेंगे। उनके यहां एक युवा क्लब के सदस्यों के साथ बातचीत करने की भी संभावना है।
     
पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किए जाने के बाद शाह की यह पहली कश्मीर यात्रा है। शाह के घाटी दौरे से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
     
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से यहां शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हाल में आम नागरिकों की हत्याओं के मद्देनजर अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की 50 कंपनियों, करीब 5000 जवानों को घाटी में तैनात किया जा रहा है।
     
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के कई इलाकों के साथ कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में सीआरपीएफ के बंकर बनाए गए हैं। वर्ष 2019 में शाह जब घाटी के दौरे पर आए थे तब भी उन्होंने एक शहीद पुलिस अधिकारी के परिजनों से मुलाकात की थी।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें