वैशाली जिले में अब तक 750 बाल विवाह रुकवाए
बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक दिवस का संस्थान ने किया स्वागत 27 नवंबर बाल विवाह समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित

बाल विवाह के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की ओर से 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किए जाने का स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान ने स्वागत किया है। संस्था ने इसे देशभर में चल रहे अभियान की वैश्विक मान्यता बताया।
जनजागरूकता अभियान
भारत स्काउट एवं गाइड भवन हाजीपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान ने जनजागरूकता अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया। भारत स्काउट एवं गाइड वैशाली के जिला संगठन आयुक्त ऋतुराज ने कहा कि संस्थान के तत्वावधान में वैशाली जिले में अब तक लगभग 750 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के साथ बच्चों और अभिभावकों में जागरूकता पैदा करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्काउट-गाइड की भूमिका
स्काउट-गाइड स्वयंसेवक गांवों और स्कूलों में जाकर लोगों को बाल विवाह नहीं करने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि भारत से उठी बाल विवाह के खिलाफ आवाज आज वैश्विक संकल्प बन चुकी है। यह गौरव का विषय है, लेकिन यह जिम्मेदारी बढ़ने का भी समय है। जब तक एक भी बच्चा खतरे में है, लड़ाई अधूरी है।
प्रशासन द्वारा सहयोग
उन्होंने बताया कि वैशाली, सिवान, बक्सर सहित कई जिलों में प्रशासन के सहयोग से 2,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाए गए हैं। स्कूलों, पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाकर संवेदनशील परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ा जा रहा है। सचिव ने कहा कि रोकथाम केवल कानून से नहीं, सामाजिक सोच में बदलाव से ही संभव है। -अमरेश श्रीवास्तव


