एफटीए का लाभ छोटे उद्यमियों को मिलने की उम्मीद
यूके के साथ भारत के एफटीए का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों और छोटे उद्यमियों को मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से चमड़े और फुटवियर, टेक्सटाइल, एवं होम फर्निशिंग जैसे उद्योगों को फायदा होगा। यूपी के तीन शहरों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है, जिनमें आगरा, कानपुर, और नोएडा शामिल हैं।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। यूके के साथ भारत के एफटीए का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों और छोटे उद्यमियों को मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से रेडीमेड गारमेंट्स, टेक्सटाइल और होम फर्निशिंग, चमड़ा और फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान,ऑटो पार्ट्स, कृषि एवं खाद्य उत्पाद तैयार करने वाली कंपनियों और उनसे जुड़े निर्यातकों को मिलेगा। इसके साथ ही, समुद्री उत्पाद, खिलौने, रसायन और प्लास्टिक उत्पाद से जुड़े कारोबारियों को भी फायदा होगा। ऐसे में कुछ राज्यों और उनसे जुड़े शहरों को समझौते का सबसे अधिक फायदा मिलने की संभावना है। यूपी के तीन शहरों को सबसे अधिक लाभ होगा
आगरा का चमड़ा और फुटवियर उद्योग
आगरा का चमड़ा और फुटवियर उद्योग एफटीए का बड़ा लाभार्थी होगा। यूके में भारतीय जूते, बैग और चमड़े के अन्य उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है। अगले तीन वर्षों मे निर्यात के बढ़कर 1000 करोड़ से अधिक होने की संभावना है। वहीं, कानपुर में बनने वाले जूते, सैडल, बेल्ट और अन्य चमड़े के उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ने की संभावना है। कानपुर के लेदर निर्यात में करीब आठ सौ से एक हजार करोड़ रुपये की सालाना बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी यूके की होगी।
नोएडा को निवेश और निर्यात के तौर पर मिलेगा बड़ा लाभ
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स और आईटी सेवाओं का बड़ा केंद्र है। एफटीए से यहां की निर्यात इकाइयों को नया बाजार मिलेगा। इससे निवेश और रोजगार बढ़ सकते हैं। यूके से जुड़ी काफी कंपनियों ने स्थानीय कंपनियों के साथ मिलकर निवेश करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। मौजूदा समय में पांच बड़ी कंपनियां निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) क्षेत्र में अगले कुछ वर्षों के अंदर 10 हजार करोड़ के निवेस की संभावना है। इससे नोएडा में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल क्षेत्र को मिलेगी गति
गुरुग्राम में ऑटोमोबाइल, आईटी, बिजनेस सर्विसेज, स्टार्टअप और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बड़ी संख्या में हैं। सेवाओं के व्यापार और निवेश बढ़ने से यहां की कंपनियों को फायदा मिलेगा। साथ ही ब्रिटिश कंपनियों के नए निवेश की भी संभावना है। इससे गु्रुग्राम में आईटी और ऑटोमोबाइल में निवेश की बड़ी संभावना दिखाई देती है।


