जल सत्यग्रह : यूजीसी बिल के विरोध में गंगनहर में उतरा स्वर्ण समाज
शनिवार को स्वर्ण समाज ने यूजीसी बिल के विरोध में गंगनहर में जल सत्याग्रह किया। भाकियू और जनलोक पार्टी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और प्रस्तावित कानून का विरोध किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यूजीसी बिल के विरोध में शनिवार को स्वर्ण समाज के लोगों ने सलावा गंगनहर में उतरकर जल सत्याग्रह किया। भाकियू क्रांतिकारी व राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग गंगनहर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित कानून का विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को प्रेषित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर यूजीसी रोल बैक की मागं की। साथ ही मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। सुबह करीब 10 बजे दोनों संगठनों के पदाधिकारी व सैकड़ों युवा गंगनहर पर पहुंचे। सभी ने नारेबाजी की और फिर गंगनहर में उतरकर जल सत्यग्रह शुरू कर दिया।
उन्होंने यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को शिक्षा व्यवस्था के लिए अनुचित बताते हुए वापस लेने की मांग की। राजीव राणा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी वर्ग विशेष का प्रभाव नहीं होना चाहिए और पूरे देश में एक समान शिक्षा नीति लागू की जानी चाहिए। उन्होंने जातिगत आरक्षण व्यवस्था समाप्त कर योग्यता के आधार पर अधिकार और अवसर देने की मांग की। साथ ही एससी-एसटी एक्ट वापस लेने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि योग्यता आधारित और न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।जल सत्याग्रह के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। बाद में एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे। संगठन के पदाधिकारियों ने उनके साथ वार्ता की और फिर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उन्हें सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांत हुआ। इस मौके पर विजेंद्र सिंह, भूमेश सोम, सुनील प्रधान, ओमबीर प्रधान, निश्चय सोम और दिग्विजय चौहान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और युवा मौजूद थे।


