तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने उठाई आवाज
गोरखपुर में, शिक्षणेत्तर संघर्ष संचालन समिति ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए तीन मांगें उठाई हैं। इनमें कैशलेस चिकित्सा सुविधा, प्रबंध समिति में भागीदारी और 300 दिन के उपार्जित अवकाश का नकदीकरण शामिल है। समिति का आरोप है कि शासनादेश में कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे असंतोष बढ़ा है।

गोरखपुर, निज संवाददाता। शिक्षणेत्तर संघर्ष संचालन समिति उत्तर प्रदेश (एस-4) ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तीन सूत्रीय मांग उठाई है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह चौहान ने कहा कि प्रमुख मांगों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, प्रबंध समिति में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भागीदारी तथा 300 दिन के उपार्जित अवकाश का नकदीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित शासनादेश में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। समिति का आरोप है कि इस मामले में कर्मचारियों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही राजधानी लखनऊ में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इस दौरान महावीर प्रसाद श्रीवास्तव, उमेश चंद्र गुप्ता, शैलेंद्र गिरि, संतोष कुमार सिंह, ब्रह्मकुमार और मनोज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


