धीरज और प्रियांशु ने लेफ्टिनेंट बन जिले का बढ़ाया मान
बलिया के दो पूर्व सैनिकों के पुत्र, धीरज कुमार तिवारी और प्रियांशु कुमार सिंह ने थल सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों ने गया में आयोजित पासिंग आउट परेड में अपनी सफलता का जश्न मनाया। क्षेत्रवासियों ने इनकी उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त की है और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

बलिया, संवाददाता। जिले के दो पूर्व सैनिकों के पुत्र लेफ्टिनेंट बनकर देश में जिले का मान बढ़ाया है। दोनों प्रतिभावान युवक सरहद पर देश की रक्षा कर बागी बलिया का नाम रोशन करेंगे। इनकी उपलब्धि पर जिलेवासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है। रानीगंज हिसं के अनुसार क्षेत्र के सुरेमनपुर निवासी वायु सेना के रिटायर सैनिक संतोष तिवारी के पुत्र धीरज कुमार तिवारी ने थल सेना मे लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। धीरज की प्रारम्भिक शिक्षा जम्मू के श्रीनगर में हुआ था तथा वह ग्वालियर से मैकेनिकल इंजिनियरिंग की शिक्षा प्राप्त किए थे, इसके बाद एसएसबी की परीक्षा उत्तीर्ण कर बिहार प्रांत के गया जिले में(ओटीए) में एक वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त किए, शनिवार को पासिंग आउट के दौरान धीरज के कंधे पर बैज मां रीना तिवारी व पिता संतोष तिवारी ने लगाया।
इस दौरान धीरज की नानी रमावती देवी व बुआ उर्मिला देवी थी। धीरज की सफलता से गांव समेत इलाके में खुशी की लहर है।सुखपुरा हिसं के अनुसार कस्बा निवासी प्रियांशु कुमार सिंह ने थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होकर गांव, क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। उन्हें शनिवार को गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। प्रियांशु सुखपुरा कस्बा निवासी रिटायर सूबेदार मंजीत सिंह उर्फ धंनजय व प्रियंका सिंह के पुत्र हैं, इनकी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा एक से पांचवीं तक गुड सेमेरिटन इंग्लिश स्कूल सुखपुरा में हुई। छह से आठवीं तक उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल बीकानेर तथा दसवीं और बारहवीं की शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल मामून कैंट, पठानकोट से पूरी की। इसके पश्चात जयपुर से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की तकनीकी शिक्षा हासिल की। संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से भारतीय थल सेना में चयनित होने के बाद प्रियांशु ने गया(बिहार )स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में लगभग एक वर्ष तक कठिन सैन्य प्रशिक्षण और गहन अभ्यास किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली। प्रियांशु का परिवार लंबे समय से भारतीय सेना से जुड़ा रहा है। रविवार को गांव पहुंचने पर हुआ ग्रामीणों ने गाजे बाजे के साथ माल्यार्पण कर स्वागत किया। खुशी में आतिशबाजी की गई। इस मौके पर बच्चा सिंह, परमात्मानंद सिंह, डॉ. रामजन्म सिंह, हृदयानंद सिंह, रमाकांत सिंह, शिवजी सिंह, शैलेश कुमार सिंह, कैप्टन राजीव कुमार सिंह, अश्वनी कुमार सिंह,बब्लू सिंह, अशोक कुमार सिंह, धनंजय सिंह, राधिका देवी, मंजू देवी, बेबी देवी, पल्लू देवी आदि थीं।


