मारपीट के दोषी दो भाइयों को तीन साल की सजा
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने जातिसूचक गालियां देकर मारपीट करने के मामले में दोषी दो भाइयों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह मामला 2016 में झवरा गांव में शराब पीकर अभद्रता करने के बाद हुआ था।

विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने जातिसूचक गालियां देकर मारपीट करने के मामले में दोषी दो भाइयों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 16-16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी उमेश राजपूत ने बताया कि बेला थाना क्षेत्र के झवरा गांव निवासी शीलू कुमार दोहरे ने 30 अक्तूबर 2016 की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि रात करीब आठ बजे गांव निवासी सरनाम सिंह ने शराब के नशे में अभद्रता की। विरोध करने पर वादी और उसके परिजनों को जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटा गया।
घटना में छह लोग घायल हुए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद रामसेवक यादव के बेटे सरनाम सिंह और राघवेंद्र सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में हुई। अभियोजन ने दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने सरनाम सिंह और राघवेंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और 16-16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।


