हाटगम्हरिया : बड़े भाई की गोली मारकर हत्या करने में दो गिरफ्तार
चाईबासा में हत्या के दो आरोपियों विजय और महेन्द्र लागुरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। हत्या का मामला 13 जुलाई 2026 का है, जब शंकर लागुरी को उनके छोटे भाई और चचेरे भाई ने गोली मारी थी। मृतक की पत्नी द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

चाईबासा, संवाददाता। हत्या के दो आरोपियों को हाटगमहरिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जेल जाने वालों में विजय लागुरी और महेन्द्र लागुरी शामिल हैं। यह जानकारी एसडीपीओ वहामन टूटीं ने दी। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि हाटगम्हरिया थाना अन्तर्गत जयपुर में मुण्डा लागुरी के बेटे शंकर लागुरी की हत्या उसके छोटे भाई महेन्द्र लागुरी और चचेरा भाई विजय लागुरी द्वारा गोली मार कर दी गई। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। यहां परशंकर लागुरी को खून से लथपथ घायल अवस्था में जमीन पर गिरा हुआ पाया। आनन-फानन में घायल शंकर को इलाज के लिए कुमारकुंगी अस्पताल भेजा गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए चाईबासा अस्पताल भेजा और यहां से बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स भेजा गया।
रांची ले जाने के क्रम में ही घायल शंकर का रास्ते में मौत हो गयी। इस संबंध में मृतक की पत्नी द्वारा थाना में लिखित आवेदन पर हाटगम्हरिया थाना में 15 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया। हाटगमहरिया के जयपुर निवासी विजय को गिरफ्तार किया गया। इनके निशानदेही पर 17 जुलाई 2026 को कांड में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल, फायर पिलेट और 2 जिंदा गोली बरामद किया गया है। 18 जुलाई 2026 को महेन्द्र लागुरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों ने इस कांड में अपने संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उन्होंने बताया कि अनुसंधान में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि शंकर दूसरी जाति की लड़की से प्रेम विवाह किया था। इसके कारण घर में लगातर लड़ाई-झगड़ा होते रहता था। साथ ही जमीन की मुआवजा में मिले पैसा का सही तरीके से बटवारा नहीं होने के कारण विजय व महेन्द्र बड़े भाई शंकर से नाराज चल रहा था। छापामारी दल में रफाएल मुर्मू, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर, हाटगमहरिया थाना प्रभारी उत्तर तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक किशुन दास, सहायक अवर निरीक्षक सत्यलाल राम, सुकलाल टुड्डू, यदूनदन महतो और सशस्त्र बल शामिल थे।
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