गणेश चतुर्थी के साथ शुरू होगा पर्व-त्योहारों का सिलसिला
इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को एक साथ मनाया जाएगा। महिलाएं पति की दीर्घायु और सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखेंगी। समारोह के बाद गणेश विसर्जन 25 सितंबर को होगा। इसके अलावा, अन्य पर्व जैसे कर्मा और जिउतिया भी इसी महीने में मनाए जाएंगे।

तोरपा, प्रतिनिधि। इस बार पर्व-त्योहारों का शुभारंभ अद्भुत संयोग के साथ होगा। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों का महापर्व हरतालिका तीज और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की गणेश चतुर्थी एक ही दिन, 14 सितंबर सोमवार को मनाई जाएगी। पुरोहित अनिल मिश्र ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं। इसी दिन भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी। चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7.06 बजे से शुरू होगी। मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.31 बजे तक रहेगा। एक ही दिन दोनों पर्व पड़ने से श्रद्धालुओं को शिव परिवार का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होगा。
गणेश विसर्जन:
25 सितंबर को गणेश विसर्जन:
गणेश चतुर्थी के साथ ही त्योहारों की धूम शुरू हो जाएगी। विभिन्न स्थानों पर प्रमुख पूजा पंडालों का उद्घाटन होगा। कहीं नौ तो कहीं 16 दिनों तक भगवान गणेश विराजमान रहेंगे। 10 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा।
कर्मा पर्व:
22 सितंबर को कर्मा पर्व:
22 सितंबर मंगलवार को भाद्रपद मास की एकादशी के अवसर पर झारखंड का प्रमुख कर्मा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए करम डाली की पूजा करेंगी और उपवास रखेंगी।
जिउतिया:
3 अक्टूबर को जिउतिया:
3 अक्टूबर शनिवार को आश्विन कृष्ण अष्टमी के अवसर पर माताओं का महापर्व जिउतिया मनाया जाएगा। माताएं पुत्र की लंबी आयु और मंगल कामना के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी। व्रत का पारण 4 अक्टूबर की सुबह होगा।
प्रमुख पर्व-त्योहारों की तिथियां:
14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी, 16 सितंबर को ऋषि पंचमी, 19 सितंबर को राधाष्टमी, 22 सितंबर को कर्मा पर्व व परिवर्तिनी एकादशी, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं गणेश विसर्जन, 27 सितंबर से पितृपक्ष प्रारंभ होगा।
अक्टूबर-नवंबर में भी पर्वों की शृंखला:
3 अक्टूबर को जिउतिया, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि, 20 अक्टूबर को विजयादशमी, 25 अक्टूबर को करवा चौथ, 4 नवंबर को धनतेरस, 6 नवंबर को दीपावली तथा 13 से 16 नवंबर तक छठ महापर्व मनाया जाएगा।


