असम से अरुणाचल तक कैसे 7 सालों में ही छा गई भाजपा, 2016 में ही बनाई थी पहली सरकार

Surya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, अगरतला
Follow us on Google News
share

खुद पीएम मोदी और होम मिनिस्टर अमित शाह भी अकसर इन छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से अहम राज्यों का दौरा करते रहे हैं। इससे पता चलता है कि बीजेपी हाईकमान का पूर्वोत्तर के राज्यों पर भी कितना फोकस रहा है।

असम से अरुणाचल तक कैसे 7 सालों में ही छा गई भाजपा, 2016 में ही बनाई थी पहली सरकार

त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के चुनाव नतीजे भाजपा का उत्साह बढ़ाने वाले रहे हैं। 33 सीटों पर जीत के साथ वह एक बार फिर से त्रिपुरा में सरकार बनाने जा रही है तो वहीं नागालैंड में भी भगवा दल को पहली बार 12 सीटों पर जीत मिल गई है। यही नहीं मेघालय में भी उसने 3 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। यही नहीं त्रिपुरा में अपने दम पर सरकार बनाने के अलावा भाजपा नागालैंड और मेघालय में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा भी बन सकती है। इससे साफ है कि भाजपा के लिए ये चुनाव नतीजे मायने रखते हैं और पूर्वोत्तर में कमल खिल गया है। 

दरअसल बीते कुछ सालों में भाजपा ने तेजी से पूर्वोत्तर में अपनी छाप छोड़ी है, जहां कभी उसकी मौजूदगी ना के समान थी। भाजपा की इस सफलता की शुरुआत 2016 में हुई थी, जब उसने असम में विधानसभा का चुनाव बड़े अंतर से जीता था और 15 सालों से कांग्रेस शासन का अंत कर दिया था। यह पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में भाजपा की पहली सरकार थी। इसी साल अरुणाचल प्रदेश के सीएम रहे पेमा खांडू ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद मणिपुर में 2017 में भाजपा को जीत मिली और कांग्रेस के नेता रहे एन. बीरेन सिंह को उसने सीएम बना दिया। 

पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए अहम था साल 2018

यही नहीं अगला साल यानी 2018 तो और अहम रहा। इस साल भाजपा ने त्रिपुरा में 35 साल के कम्युनिस्ट शासन का अंत कर दिया और सरकार बना ली। पहली बार में ही बहुमत की सरकार भाजपा ने बनाई थी और बिप्लब देब को सीएम बनाया गया था। इसी साल भाजपा ने नागालैंड और मेघालय की सरकार में भागीदारी पा ली थी। फिर 2019 के विधानसभा चुनाव में अरुणाचल में भाजपा ने 60 में से 41 सीटों पर जीत हासिल कर ली थी। इस तरह भाजपा लगाार पूर्वोत्तर में आगे बढ़ती रही है।

असम, मणिपुर के बाद त्रिपुरा में भी रिपीट भाजपा सरकार

पीएम नरेंद्र मोदी की छवि, नीतियों और अन्य कई कारणों से भाजपा को पूर्वोत्तर में यह जीत मिली है। खासतौर पर ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी के चलते पूर्वोत्तर के विकास और सरकार के फोकस ने भी लोगों को भाजपा की ओर आकर्षित किया है। खुद पीएम मोदी और होम मिनिस्टर अमित शाह भी अकसर इन छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से अहम राज्यों का दौरा करते रहे हैं। यही वजह है कि असम में जब 2021 में चुनाव हुए तो भाजपा ने सत्ता में रिपीट किया और अब त्रिपुरा में भी अपनी सफलता को दोहराया है। इसके अलावा 2022 में मणिपुर में भी भाजपा ने दोबारा जीत हासिल की थी।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।

और पढ़ें