रज्जू भैया ने समय की सीमाओं से आगे बढ़कर पीढ़ियों को दी प्रेरणा
छात्रों की विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह ‘रज्जू भैया’ की पुण्यतिथि पर चर्चा हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने उनके जीवन की सादगी और राष्ट्रनिष्ठा को सराहा। मेजर जनरल मनोज कुमार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समाज के संस्कारों का महत्व बताया।
लोक पहल के तत्वावधान में मंगलवार को हिंदुस्तानी एकेडमी सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह ‘रज्जू भैया’ की पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने कहा कि रज्जू भैया का जीवन सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता का अनुपम उदाहरण है। ऐसे व्यक्तित्व समय की सीमाओं से आगे बढ़कर पीढ़ियों को प्रेरणा देते हैं। प्रो. हरेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने रज्जू भैया को राष्ट्रीय परंपरा का दैदीप्यमान नक्षत्र बताया, जबकि डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने उन्हें कालजयी और कर्मयोगी व्यक्तित्व बताया।
मुख्य वक्ता मेजर जनरल मनोज कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार केवल सीमाएं नहीं, बल्कि संस्कारित समाज भी है। इस अवसर पर डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, डॉ. विपिन कुमार सिंह, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह प्रो. वीके सिंह, अश्वनी द्विवेदी, डॉ. रंजन वाजपेई, डॉ. विवेक निगम आदि मौजूद रहे।
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