सोनबरसा संघर्ष में शहीद हुए थे खेरैहिया के वीर सपूत अर्जुन सिंह
सोनबरसा संघर्ष में शहीद हुए थे खेरैहिया के वीर सपूत अर्जुन सिंह - शहीद दिवस पर आजादी के वीर सपूत को किया गया याद अकबरनगर संवाददाता जरा याद करो कुर

अकबरनगर, संवाददाता। स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूत एवं आजाद दस्ता के साहसी क्रांतिकारी शहीद अर्जुन सिंह को उनके शहीद दिवस पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले खेरैहिया निवासी अर्जुन सिंह के अदम्य साहस और बलिदान को लोगों ने कोटि-कोटि नमन किया। भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण ने युवकों को गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण देने के लिए नेपाल प्रवास के दौरान आजाद दस्तां का गठन किया था। इस दस्ते में बिहार के कई साहसी युवा शामिल थे। आजाद दस्तां अंग्रेजी शासन के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष कर रहा था। खेरैहिया के वीर सपूत अर्जुन सिंह भी इस क्रांतिकारी दल के सक्रिय सदस्य थे। आजाद दस्तां के क्रांतिकारियों ने कई साहसिक अभियानों में भाग लिया। जयप्रकाश नारायण और उनके साथियों को नेपाल के हनुमाननगर जेल से मुक्त कराने के अभियान में भी आजाद दस्तां के क्रांतिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस पूरे आंदोलन में सरदार नित्यानंद सिंह और उनके साथियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही।
योजना का विवरण
29 अगस्त 1943 को सोनबरसा थाना पर हमला करने की बनाई गई योजना
संघर्ष की स्थिति
आजाद दस्तां के क्रांतिकारियों ने थाना पहुंचकर अंग्रेजी शासन की पुलिस से मुकाबला किया। दोनों ओर से भीषण गोलीबारी होने लगी। संघर्ष के दौरान क्रांतिकारियों के सामने कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो गई, लेकिन सरदार नित्यानंद सिंह ने साहस के साथ मोर्चा संभाला और साथियों का हौसला बढ़ाते रहे। इस संघर्ष में खेरैहिया के अर्जुन सिंह भी सरदार नित्यानंद सिंह के साथ डटकर मुकाबला कर रहे थे। दोनों वीर सपूतों ने अंतिम क्षण तक अपने साथियों का हौसला बढ़ाया और आजादी की लड़ाई जारी रखी। भीषण गोलीबारी के दौरान दोनों वीर सपूत गंभीर रूप से घायल हो गए और देश की आजादी के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए। इस मौके पर ग्रामीण संबित कुमार, भवेश सिंह, रामदुलार, प्रिंस, राहुल, चंदन आदि ने वीर शहीद अर्जुन सिंह के शहीद दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं कोटि-कोटि श्रद्धांजलि दी।


