गिर्दा की पुण्यतिथि पर पौधरोपण कर दी श्रद्धांजलि
शनिवार को बागेश्वर में जनकवि गिरीश तिवारी 'गिर्दा' की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गिर्दा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनका प्रसिद्ध गीत 'आज हिमालय त तुमुक धत्यूछ' गाया गया। उनके जनगीत उत्तराखंड के आंदोलनों की आवाज बने हुए हैं।
देवेंद पांडे, बागेश्वर। प्रेस क्लब के तत्वावधान में जनकवि एवं आंदोलनकारी गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्वक याद किया गया। शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गिर्दा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनका प्रसिद्ध गीत ‘आज हिमालय त तुमुक धत्यूछ, जागि जागि जाओ हो म्यारा लाल’ भी गाया गया। वक्ताओं ने कहा कि गिर्दा के जनगीत आज भी उत्तराखंड के सामाजिक आंदोलनों की आवाज बने हुए हैं। उन्होंने अपनी कविताओं और गीतों के माध्यम से पहाड़ की पीड़ा, पर्यावरण, जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों को आवाज दी। उत्तराखंड आंदोलन समेत विभिन्न जन आंदोलनों को उनके गीतों ने नई ऊर्जा दी।कार्यक्रम
की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष चंदन परिहार ने की। इस अवसर पर वृक्ष मित्र किशन सिंह मलड़ा, नरेंद्र खेतवाल, गणेश कांडपाल, संजय साह समेत पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। गिर्दा की स्मृति में पौधरोपण भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनके पर्यावरण संरक्षण और जनसरोकारों के संदेश को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


