तीजन बाई के निधन से शोक में डूबा कला-रंगमंच व साहित्य जगत
सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता।मारपीट की घटना में दो युवक घायलमारपीट की घटना में दो युवक घायलमारपीट की घटना में दो युवक घायल

सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले के सांस्कृतिक गतिविधियों, रंगकर्मियों व साहित्यकारों को पंडवानी लोक गीत व नाट्य कला की पहली महिला कलाकार तीजन बाई के निधन से गहरा आघात पहुंचा है। जनवादी लेखक संघ व जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा ने संयुक्त रूप से तीजन बाई के निधन पर शोक प्रकट करते हुए इसे कला संस्कृ़ति, साहित्यिकी जगत व रंग मंच के लिए अपूरर्णिय क्षति बताया। जलेस के सचिव मार्कण्डेय ने बताया कि पंडवानी लोक गीत व नाट्य कला की पहली महिला कलाकार तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला के अटारी गांव में बहुत ही गरीब परिवार में हुआ। रवि शंकर विश्वविद्यालय व विलासपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डी लिट की मानद उपाधि दी।
जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के कमलेश्वर ओझा, राजेन्द्र मांझी, जलेस के जिलाध्यक्ष शायर कमर सीवानी, अरुण कुमार सिंह, प्रो. उपेन्द्र नाथ यादव, युगल किशोर दूबे, डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, डॉ. एहतेशाम अहमद, अधिवक्ता अरशद अली, अधिवक्ता रविन्द्र सिंह, अखिलेश्वर दीक्षित, ई. शुभम् दीक्षित व भोगेन्द्र झा ने भी तीजन बाई के निधन पर शोक प्रकट करते हुए इसे कला व साहित्य के लिए बड़ी क्षति बताई।
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