सुपौल : तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे डॉ. जगन्नाथ मिश्र
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की सातवीं पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. मिश्र की शिक्षा और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका रही, और उन्हें विकास का प्रतीक माना जाता है।

त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की सातवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गांव पहुंचकर डॉ. मिश्र की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिमा अनावरण के मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और उनके समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम को क्षेत्र के लोगों ने गौरव का क्षण बताया।
शिक्षा और प्रशासन को दी प्राथमिकता:
24 जून 1937 को सुपौल जिले के बलुआ बाजार में जन्मे डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने उच्च शिक्षा के बाद अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। अकादमिक जीवन के बाद वे सक्रिय राजनीति में आए और कांग्रेस से जुड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक क्षमता के बल पर वे बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए। डॉ. मिश्र ने तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व किया। उनका पहला कार्यकाल 1975 से 1977 तक रहा। इसके बाद 1980 से 1983 और फिर 1989 से 1990 तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा के विस्तार, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। बिहार की राजनीति के साथ डॉ. मिश्र ने केंद्र की राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली। उनके राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन बिहार के सार्वजनिक जीवन में उनका प्रभाव लंबे समय तक कायम रहा। डॉ. मिश्र शिक्षा और सुशासन को विकास की बुनियाद मानते थे। उनके समर्थक उन्हें दूरदर्शी जननेता के रूप में याद करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सातवीं पुण्यतिथि पर पैतृक गांव में प्रतिमा का अनावरण उनके योगदान को याद करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी गई। मुख्यमंत्री द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने और प्रतिमा अनावरण से गांव में भावुक और सम्मानपूर्ण माहौल बना रहा।


