आदिवासी महोत्सव मनाना ही नहीं, आदिवासियों को उनका हक दिलाना भी जरूरी : अन्नपूर्णा देवी

हिन्दुस्तान, कोडरमा
Follow us on Google News
share

मस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। छात्र आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि

 आदिवासी महोत्सव मनाना ही नहीं, आदिवासियों को उनका हक दिलाना भी जरूरी : अन्नपूर्णा देवी

कोडरमा, वरीय संवाददाता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने हिन्दुस्तान से विशेष बातचीत में कहा कि आदिवासी महोत्सव मनाने के साथ-साथ आदिवासी समाज को उनका अधिकार दिलाना भी जरूरी है। केवल आयोजन करने से आदिवासी समाज की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जब तक उनके अधिकार और अपेक्षाएं पूरी नहीं होंगी, तब तक ऐसे आयोजनों की सार्थकता अधूरी रहेगी।

आदिवासी महोत्सव की सार्थकता

उन्होंने कहा कि झारखंड में आज कई जिलों की डेमोग्राफी बदली जा रही है। राज्य गठन के 25 साल बाद भी आदिवासी युवा रोजगार और नौकरी के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। जिन अपेक्षाओं के साथ झारखंड का गठन हुआ था, वे अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।

छात्र आंदोलन की स्थिति

छात्र आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में केवल आदिवासी महोत्सव मनाने के बजाय देश के भविष्य छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षाओं का पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालन सुनिश्चित करना अधिक जरूरी है।

केंद्र सरकार की योजनाएं

केंद्र सरकार की ओर से आदिवासियों के लिए कई योजनाएं संचालित

केंद्रीय मंत्री सह सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आदिवासी समाज के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय समेत कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा और समाज को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन झारखंड में कई जगहों पर लोगों को इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

आदिवासी समाज की समस्याएं

आज भीआदिवासी समाज के सामने कई समस्याएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भी जिले के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आदिवासी समाज के सामने कई गंभीर समस्याएं हैं। शिक्षा, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। आदिवासी समाज के लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाना ही वास्तविक विकास होगा। उन्होंने कहा कि जब आदिवासियों की समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें उनका अधिकार मिलेगा, तभी आदिवासी महोत्सव मनाने की वास्तविक सार्थकता साबित होगी।

पूछे जाने वाले प्रश्न

✦आदिवासी महोत्सव मनाने के साथ क्या महत्वपूर्ण है?−
आदिवासी समाज को उनका अधिकार दिलाना जरूरी है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsआदिवासी महोत्सव मनाना ही नहीं, आदिवासियों को उनका हक दिलाना भी जरूरी : अन्नपूर्णा देवी