काठभारी में गूंजी आदिवासी एकता की आवाज
चाईबासा के काठभारी गांव में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुआ, जिसमें आदिवासी समाज के नेता एवं ग्रामीण शामिल हुए। उन्होंने परंपराओं के साथ अतिथियों का स्वागत किया और सामाजिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार तथा विकास के मुद्दों पर चर्चा की। दीनबंधु बोयपाई ने शिक्षा और एकता को समाज की पहचान बताया।

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत काठभारी गांव में शुक्रवार को आदिवासी समाज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण एवं भावनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई सहित समाज के विभिन्न प्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं से अतिथियों को अवगत कराया। इस दौरान आदिवासी समाज की एकजुटता, सामाजिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार तथा क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर भी चर्चा की गई।श्री बोयपाई ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता में निहित है।
समाज के विकास के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने के साथ युवाओं को आगे आकर सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा।


