खोखरी नदी किनारे 2 से 3 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, 10 गांवों में बनेगी नदी संरक्षण समिति
चौसाना में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत खोखरी नदी के किनारे वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और नागरिकों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना था। निदेशक संजय कुमार ने नागरिकों से पौधों की देखभाल की अपील की।
चौसाना में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम‘‘ अभियान के तहत रविवार को खोखरी नदी के किनारे सकौंती व लक्ष्मीपूरा में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि रहे प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के निर्देशक ने भी वन विभाग,पंचायत व राजस्व विभाग के साथ मिलकर पौधे रोपित किए। खोखरी नदी के किनारे मे लाखों की संख्या मे पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरियाली बढ़ाना और नागरिकों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। चौसाना की खोखरी नदी को पुनर्जीवित करने की मुहीम जारी है। जिले मे रविवार को वृक्षारोपण का महाअभियान कार्यक्रम की शुरूआत की गई। जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी से निदेशक संजय कुमार पहुॅचें और कार्यक्रम मे शामिल होकर खोखरी नदी की जानकारी ली और सैक्डो पौधों को रोपित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारी,पंचायत विभाग के अधिकारी,राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एडीएम शामली व एसडीएम ऊन विजय प्रताप भदौरिया शामिल रहे। कार्यक्रम मे निदेशक संजय कुमार पौधरोपण किया और लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और अपनी मां के नाम एक पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पेड़ की देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। इस अभियान के तहत चौसाना से निकलने वाली खोखरी नदी के किनारे पर करीब दो से तीन लाख पौधे रोपित किए जायेगे। एसडीएम विनय प्रतापसिंह भदौरियों ने कहा कि खोखरी नदी को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यह बड़ा लक्ष्य तय किया है। अपील करते हुए कहा कि सभी लोग इस अभियान का हिस्सा बनें और उत्तर प्रदेश को पर्यावरण के लिहाज से देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के महत्व को समझाते हुए कहा कि पेड़ सिर्फ एक पौधा नहीं होता, बल्कि यह मां की तरह जीवन देता है। जिस तरह मां अपने बच्चों को छाया, प्यार और भोजन देती है, उसी तरह पेड़ भी हमें छाया, फल और शुद्ध हवा देता है। उन्होंने लोगों से कहा कि पौधा लगाने के बाद उसकी सुरक्षा भी उसी जिम्मेदारी से करें, जैसे वे अपनी मां की देखभाल करते हैं। पौधों को सुरक्षित स्थान पर लगाया जाए और उनकी नियमित देखभाल की जाए। पौधों को जानवरों और अन्य नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से बचाने के लिए ट्री गार्ड या घेराबंदी जरूर की जाए। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति एक पेड़ लगाकर उसकी रक्षा करने का संकल्प ले, तो प्रदेश में पर्यावरण को लेकर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इस दौरान राजस्व विभाग से अजीत कुमार,लोकेश सैनी ,श्याम सिंह लेखपाल,पंचायत विभाग से सीडीओ ब्रजेन्द्र शुक्ल,डीपीआरओ प्रेमचंद,बीडीओ सुधीर कुमार त्यागी,एडीओ ,विपिन कुमार,सोनू कुमार,राहुल कुमार,अनुज कुमार,राजीव कुमार सचिव सहित अन्य शामिल रहे。
हरियाली से संवरेगी खोखरी नदी
चौसाना। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि निदेशक संजय कुमार ने खोखरी नदी पर अधिकारियो के संग मंत्रणा की और खोखरी नदी को हराभरा करने के लिए पंचायत व राजस्व विभाग को वन विभाग के साथ मिलकर व्यवस्था बनाने पर बल दिया। उन्होने कहा कि खोखरी नदी से किसानों को लाभ मिलेगा । इसको संरक्षित करने के लिए दस गावांे मे खोखरी नदी संरक्षण समिति का गठन करने के निर्देश दिए। जिसमे लेखपाल व सचिव भी शामिल होेगें। समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान को रखा जाये।


