क्लब फुट के इलाज में सदर अव्वल, बाबागंज सबसे पीछे
प्रतापगढ़ में क्लब फुट रोग से पीड़ित बच्चों का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। 2024 से 2026 तक सदर विकास खंड में सबसे ज्यादा बच्चों का इलाज हुआ है, जबकि बाबागंज में सबसे कम। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज में देरी करने से समस्याएं बढ़ सकती हैं। क्लब फुट रोग के लक्षणों की जानकारी भी दी गई है।

प्रतापगढ़, संवाददाता। टेढ़े मेढ़े पैर या क्लब फुट रोग कुछ बच्चों को जन्मजात होता है। ऐसे बच्चों का इलाज स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम एनजीओ के सहयोग से मुफ्त में करा रही है। साल 2024 से जुलाई 2026 तक हुए ऐसे बच्चों के इलाज के आंकड़ों को देखें तो सबसे अधिक बच्चों का इलाज सदर विकास खंड में और सबसे कम बच्चों का इलाज बाबागंज विकास खंड में हुआ है। जिले के 17 विकासखंडों में सदर, बेलखरनाथधाम, लक्ष्मणपुर, मंगरौरा क्लब फुट पीड़ित बच्चों के इलाज में सबसे आगे चल रहे हैं। जबकि बाबागंज, कालाकांकर, बिहार आदि ब्लॉक सबसे पीछे चल रहे हैं। क्लब फुट रोग का इलाज बच्चे के पैदा होते ही शुरू हो जाता है। इसमें हर हफ्ते आर्थो के डॉक्टर बच्चे के पैर या पंजे को सीधा कर प्लास्टर चढ़ाते हैं। करीब 6 हफ्ते तक हर हफ्ते प्लास्टर को बदला जाता है। इसके बाद भी सीधा नहीं होता तो एक छोटा सा चीरा लगाकर टेंडन ठीक किया जाता है। ठीक होने के बाद पैर या पंजा दोबारा टेढ़ा न हो जाए इसके लिए खास तरह के जूते दिए जाते हैं। इसके लिए बच्चे के परिजनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
इनका कहना है
क्लब फुट के इलाज के बाद बच्चे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं लेकिन जो परिजन बच्चे का इलाज शुरू करने में देरी कर देते हैं उसमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए लोगों को इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बच्चे के पैदा होने के बाद जैसे ही पता चले कि उसमें क्लबफुट के लक्षण हैं, तुरंत डॉक्टर से बताकर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
-डॉ. दिलीप, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
क्लब फुट रोग के लक्षण
1-पैर का पंजा मुड़ा हुआ होना।
2-पैर के तलवे का ऊपर-नीचे होना।
3-कोई एक पैर छोटा दिखना।
4-पैर की पिंडलियां कमजोर होना।
ब्लॉकवार 2024 से जुलाई 2026 तक इलाज पाने वाले बच्चे
सदर, प्रतापगढ़ 35,बेलखरनाथधाम 17,लक्ष्मणपुर 13,मंगरौरा, 12,कुंडा 11,लालगंज 11,पट्टी 11,संडवा चंद्रिका 11,मानधाता10, शिवगढ़ 10,आसपुर देवसरा 8,गौरा 8,रामपुर संग्रामगढ़ 7,सांगीपुर 6,बिहार 5,कालाकांकर 4, बाबागंज दो।
इनका कहना है
क्लब फुट रोग पीड़ित बच्चों को जल्द चिह्नि कर उन्हें स्वास्थ्य केन्द्रों तक लाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। जिन ब्लॉकों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, उसकी वजह पता कर तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. आरबी यादव, डीपीएम


