पुराने कमर्शियल वाहनों को स्क्रैप करने की नीति पर पुनर्विचार की मांग
ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन मेरठ ने 10 वर्ष पुराने डीजल कमर्शियल वाहनों के अनिवार्य स्क्रैप नियमों का विरोध किया है। अध्यक्ष गौरव शर्मा ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन देकर समान नियम लागू करने की मांग की। ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि स्क्रैप नीति केवल वाहन की आयु पर नहीं, बल्कि फिटनेस और प्रदूषण स्तर पर आधारित होनी चाहिए।

ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन मेरठ ने एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष पुराने डीजल कमर्शियल वाहनों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप किए जाने के नियमों के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को एक ज्ञापन देकर सरकार से नीति पर पुनर्विचार करने और सभी वाहनों पर समान नियम लागू करने की मांग की गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग है कि कार्रवाई का आधार केवल वाहन की आयु नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक फिटनेस और प्रदूषण स्तर (पीयूसी) होना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उठाया गया है कि यदि आयु-आधारित स्क्रैप नीति जरूरी है, तो इसे केवल कमर्शियल वाहनों तक सीमित न रखकर सरकारी विभागों के पुराने वाहनों, निजी वाहनों और औद्योगिक जनरेटरों पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध और डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई है ताकि वैध टैक्स भरने वाले ट्रांसपोर्टरों को बचाया जा सके। ट्रांसपोर्टर समुदाय ने नए वाहन खरीदने के लिए व्यावहारिक संक्रमण अवधि और आर्थिक राहत देने की अपील की है ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका भी सुरक्षित रह सके।


