पशु बीमा कराने से लेकर क्लेम पाने तक की प्रक्रिया सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी होगी
उत्तर प्रदेश में 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' की प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी बनाया जाएगा। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठक में सुझाव दिया कि बीमा प्रीमियम कम रखा जाए, जिससे पशुपालकों पर कम बोझ पड़े। योजना में राज्य सरकार की 85 प्रतिशत और लाभार्थी की 15 प्रतिशत सहभागिता होगी।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। प्रदेश में पशुओं का बीमा कराने से लेकर क्लेम प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी होगी। अनावश्यक तकनीकी औपचारिकताओं के कारण वास्तविक दावों को अब अस्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही क्लेम का भुगतान भी समयबद्ध एवं निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा。
योजना की बैठक
प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को प्रभावी, पारदर्शी और पशुपालक हितैषी तरीके से लागू करने के लिए सोमवार को पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों व बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव दिया कि बीमा प्रीमियम यथासंभव कम रखा जाए, ताकि पशुपालकों पर न्यूनतम आर्थिक बोझ पड़े और अधिक से अधिक पशुओं को बीमा सुरक्षा मिल सके।
सूचनाएं उपलब्ध कराना
श्री सिंह ने कहा कि जिले स्तर पर पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर पॉलिसी संबंधी सभी जानकारी पशुपालकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए ताकि पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि योजना में राज्य सरकार की 85 प्रतिशत और लाभार्थी की केवल 15 प्रतिशत सहभागिता होगी। उन्होंने बीमा कंपनियों को एक, दो और तीन वर्ष की अवधि के विकल्प उपलब्ध कराने तथा राज्य सरकार की योजनाओं एवं डेयरी उन्मुख योजनाओं को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए।
स्वदेशी गौ संवर्धन योजना
विशेष रूप से नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के क्रमशः दो, दस और 25 स्वदेशी गायों के बीमा को प्राथमिकता देने को भी कहा।
कवरेज की जानकारी
योजना के तहत बड़े पशुओं में स्वदेशी/संकर दुधारू एवं भारवाहक पशु तथा छोटे पशुओं में सूकर, बकरी और भेड़ शामिल होंगे। एक परिवार के लिए 25 बड़े पशु इकाई तक बीमा कवरेज का प्रावधान है। एक बड़े पशु इकाई को 10 छोटे पशु इकाई के बराबर माना गया है। बैठक में पशुओं के अधिकतम मूल्य के संबंध में वर्गीकृत नस्ल की भैंस के लिए 75 हजार रुपये, गाय के लिए 65 हजार रुपये और छोटे पशुओं के लिए 6,500 रुपये तक के अधिकतम मूल्य पर भी चर्चा हुई।


