सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मिलेगी गुणवत्तापूर्ण सेवा
आंदर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एनक्यूएएस मानकों को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना था। इसमें सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और एएनएम ने भाग लिया। आवश्यक जानकारियों को झलकाने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए गैप फाइंडिंग पर चर्चा की गई।

आंदर, एक प्रतिनिधि। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आंदर में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) की तैयारियों को लेकर सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना था। कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें प्रखंड के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं एएनएम ने भाग लिया।
प्रशिक्षण की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि आकाश चौबे और मनीष बगडेरिया ने प्रतिभागियों को साक्षी पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारी के लिए पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री का अध्ययन, प्रशिक्षण की प्रगति का नियमित अपडेट और आवश्यक सूचनाओं की समय पर प्रविष्टि बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने पोर्टल के तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
गुणवत्ता में सुधार
गैप फाइंडिंग से होगी गुणवत्ता में सुधार कार्यशाला में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद कमियों (गैप फाइंडिंग) की समय पर पहचान कर उन्हें दूर करना ही एनक्यूएएस की सफलता का मूल आधार है। उन्होंने साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, दवा उपलब्धता, मरीजों की सुविधा, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता जैसे विभिन्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि एनक्यूएएस केवल मूल्यांकन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार का माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मानक के अनुरूप बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण में ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक अरविंद कुमार, सीएचओ अभिषेक कुमार, बबिता सिंह, मनोहर कुमार सहित प्रखंड के सभी सीएचओ एवं एएनएम उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और भविष्य में एनक्यूएएस मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी।


