सतत विकास की नौ थीमें, बेहतर बनाए योजनाएं
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रयागराज मंडल में पंचायत अधिकारियों के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पर प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। कार्यशाला में अधिकारियों ने जीपीडीपी, सतत विकास लक्ष्यों, और स्वच्छ भारत मिशन की जानकारी प्राप्त की। सीडीओ ने ग्राम पंचायतों के विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत मंगलवार को प्रयागराज मंडल के चार जिलों के पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। सीडीओ हर्षिका सिंह और डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्याशाला का शुभारंभ किया। सीडीओ ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना को गंभीरता से तैयार किया जाए और सभी विभाग अपनी योजनाओं को इसमें अनिवार्य रूप से शामिल करें। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षण के दौरान मंडलीय परियोजना प्रबंधक ऋतुराज शर्मा व प्रशिक्षकों ने सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) की नौ थीमों की जानकारी दी।
इसमें गरीबी मुक्त, बाल हितैषी, महिला हितैषी, स्वस्थ, स्वच्छ एवं हरित पंचायतों के निर्माण के साथ आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को जीपीडीपी, पंचायत उन्नति सूचकांक और ओएसआर पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई। डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने पंचायत विकास योजनाओं में पौधरोपण और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना तैयार करते समय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाए। कार्यशाला का संचालन डॉ. नवनीत शेखर ने किया। इस दौरान कार्यशाला में प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर के जिला क्रियान्वयन व समन्वयन समिति के सदस्य, कार्य अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और ग्राम पंचायत सचिव शामिल हुए।


