प्रशिक्षुओं ने मखाना प्रोसेसिंग के सीखे गुर
राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में चार दिवसीय ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बिहार के विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने मखाना प्रसंस्करण के नवीनतम तरीकों से अवगत कराया। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह प्रशिक्षण रोजगार बढ़ाने और मखाना उद्योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राजीव रंजन प्रसाद,दरभंगा। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में मखाना प्रसंस्करण की मशीनों के वैज्ञानिक एवं कुशल संचालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित चार दिवसीय ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में बिहार के दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया व खगड़िया के साथ दिल्ली व आंध्र प्रदेश के प्रतिभागी भी शामिल हुए। मुख्य आयोजक वैज्ञानिक ई. आरके राउत ने बताया कि इस वर्ष होने वाले कुल 20 प्रशिक्षणों की श्रृंखला में यह तीसरा प्रशिक्षण था। इसमें प्रतिभागियों को मखाना बीजों को सुखाने, ग्रेडिंग, प्राथमिक व द्वितीयक भुनाई, पॉपिंग तथा पैकेजिंग आदि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। केंद्र प्रभारी डॉ. आईएस सिंह ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में मखाना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षित ऑपरेटरों की उपलब्धता से प्रसंस्करण की गुणवत्ता व दक्षता बढ़ेगी तथा बिहार के अन्य राज्यों में भी मखाना प्रसंस्करण का विस्तार होगा।वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि नए क्षेत्रों में मखाना विस्तार के लिए चार प्रमुख शर्तें आवश्यक हैं। इसमें सतही जल की पर्याप्त उपलब्धता, मखाना निकासी के लिए कुशल श्रमिक, उत्पादन से पहले प्रसंस्करण की व्यवस्था तथा मशीनीकृत प्रसंस्करण के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण से मशीनों के ठीक से काम न करने संबंधी भ्रांतियां दूर होंगी। ऑपरेटर प्रशिक्षण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और पलायन कम करने में सहायक होगा तथा मखाना आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में डॉ. अनुपम साहू एवं डॉ. अखिलेश्वर विश्वकर्मा ने भी साधनसेवी के रूप में योगदान दिया। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवानी झा ने किया। प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।


