शिक्षकों को दिया जा रहा आनंदम प्रशिक्षण
छिबरामऊ में आयोजित दो दिवसीय आनंदम प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को बैगलेस-डे गतिविधियों का संचालन सिखाया जा रहा है। इसमें कौशल आधारित रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन करने के तरीके बताए जा रहे हैं। डॉ. अमित कुमार ने तनाव-मुक्त शिक्षण वातावरण पर जोर दिया।
छिबरामऊ, संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित दो दिवसीय आनंदम प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को बैगलेस-डे के लिए निर्धारित 10 दिनों की गतिविधियों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को कौशल आधारित रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का मानसिक तनाव कम कर उन्हें सकारात्मक दिशा देने के गुर सिखाए जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित बैग-रहित दिवसों पर कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थी गतिविधि आधारित शिक्षण, परियोजना कार्य, खेल, कला और नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से सीखेंगे। डायट प्राचार्य डॉ.अमित कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आनंदमय एवं तनावमुक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
वरिष्ठ प्रवक्ता राजीव गंगवार ने बच्चों में दूरगामी व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित करने की बात कही। संदर्भदाता सुमित कुमार गुप्ता ने पपेट निर्माण और मूक अभिनय (माइम) का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण प्रभारी सुधाकरन, कला प्रवक्ता डायट ने जूट क्राफ्ट एवं मिट्टी की मूर्तियां बनाने की बारीकियां सिखाईं। सह प्रभारी अंजली मिश्रा ने स्वस्थ जीवन शैली, नाटक विधा तथा बेहतर वीडियो और फोटोग्राफी की जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


