शैक्षणिक उत्तरदायित्वों और विद्यालय में समावेशी संस्कृति के विकास पर जोर
चित्रकूट में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में समग्र शिक्षा अभियान और निपुण भारत मिशन के तहत प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण हुआ। इसमें उनकी प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक क्षमताओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। डायट प्राचार्य ने कहा कि अभिभावक की जिम्मेदारी शिक्षा सुधार में महत्वपूर्ण है।

चित्रकूट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर में समग्र शिक्षा अभियान एवं निपुण भारत मिशन के तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण हुआ। इसमें प्रधानाध्यापकों की प्रशासनिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं नेतृत्व क्षमताओं को सशक्त करने के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य संवर्द्धन पर जोर दिया गया। डायट प्राचार्य डायट बीके शर्मा ने कहा कि विद्यालय का नेतृत्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। आज शिक्षा के क्षेत्र में नित-नए और सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। निपुण भारत मिशन, पूर्व प्राथमिक शिक्षा व बालवाटिका जैसे अभियानों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा एक नए दौर से गुजर रही है। इन राष्ट्रीय लक्ष्यों को धरातल पर शत-प्रतिशत उतारने और परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने की मुख्य जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों के कंधों पर है।
प्रशिक्षण विशेष रूप से इसी उद्देश्य से दिया गया है। ताकि प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, अंतर्विभागीय समन्वय, शैक्षणिक उत्तरदायित्वों और विद्यालय में समावेशी संस्कृति के विकास को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। धीरेन्द्र सिंह ने प्रधानाध्यापक के विद्यालयीय दायित्व, ओपी सिंह व अखिलेश पांडेय ने अंतर्विभागीय समन्वय में प्रधानाध्यापक की भूमिका, महेश प्रसाद ने प्रधानाध्यापक के शैक्षिक दायित्व व ओपी सिंह ने विद्यालय में समावेशी संस्कृति का विकास विषय पर विचार रखे। डायट प्राचार्य ने वरिष्ठ प्रवक्ता नीलम यादव व प्रशिक्षण प्रभारी अखिलेश पांडेय के साथ शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया।


