आरा के पास महानंदा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, बड़ा हादसा टला
आरा जंक्शन पर एक हादसे में महानंदा एक्सप्रेस के तीन कोच पटरी से उतर गए, लेकिन किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। सिग्नल प्रणाली में गड़बड़ी के कारण यह हादसा हुआ। रेलवे ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया है और घटना की जांच की जा रही है।

आरा। आरा जंक्शन पर रविवार की तड़के करीब सवा चार बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अलीपुरद्वार जंक्शन से दिल्ली जा रही 15483 महानंदा एक्सप्रेस के इंजन समेत तीन कोच पटरी से उतर गये। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया और स्टेशन पर राहत-बचाव का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
हादसे का विवरण
सुबह करीब आठ बजे अप लाइन पर परिचालन शुरू होने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जानकारी के अनुसार, महानंदा एक्सप्रेस सुबह करीब 4:12 बजे आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची थी। ट्रेन को यहां से दिल्ली के लिए रवाना होना था। इसी दौरान परिचालन से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण ट्रेन का सिग्नल सासाराम लाइन की ओर चला जाने की बात सामने आ रही है। इसके बाद इंजन के साथ एसएलआर और एच-1 कोच पटरी से उतर गए। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
राहत-बचाव कार्य
पटरी से उतरे कोचों को दोबारा ट्रैक पर लाने के लिए राहत-बचाव दल ने करीब ढाई घंटे तक मशक्कत की। कड़ी मेहनत के बाद तीनों कोच को ट्रैक पर चढ़ा दिया गया। हालांकि, कोचों को पटरी पर लाने के बाद भी कुछ समय तक rail परिचालन प्रभावित रहा। रेलवे की टीम परिचालन बहाल करने में जुटी रही और जल्द ही ट्रेनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद जताई गई।
जांच प्रक्रिया
हादसे ने रेलवे की सिग्नल और परिचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ट्रेन का सिग्नल सासाराम लाइन की ओर कैसे चला गया? क्या यह तकनीकी खामी थी या परिचालन स्तर पर चूक? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। घटना के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक और सिग्नल सिस्टम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी हादसे से जुड़े हर तकनीकी और परिचालन पहलू को खंगाल रहे हैं। सुबह-सुबह ट्रेन के पटरी से उतरने पर यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। अचानक झटके और ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर से यात्री सहम गए। हालांकि राहत की बात रही कि अभी तक किसी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल ट्रैक, सिग्नल और परिचालन व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरा स्टेशन पर तड़के हुआ यह हादसा भले ही बड़ा नुकसान किए बिना टल गया, लेकिन सिग्नल सिस्टम में कथित गड़बड़ी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।


