चमोली टनल हादसे से तोरपा के चार गांवों में पसरा मातम
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में अलकनंदा नदी पर बन रही जलविद्युत परियोजना की टनल में हादसे के बाद चार गांवों में कोहराम मच गया। तीन मजदूर घायल हुए हैं, जबकि लुकस तोपनो अब भी टनल में फंसा हुआ है। परिवार और दोस्तों की चिंता बढ़ रही है।

तोरपा, प्रतिनिधि। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में अलकनंदा नदी पर बन रही जलविद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम हुए हादसे की खबर मिलते ही तोरपा प्रखंड के चार गांवों में कोहराम मच गया। हादसे में प्रखंड के तीन मजदूर घायल हुए हैं, जबकि कमडा सेमरटोली निवासी लुकस तोपनो अब तक टनल के अंदर फंसा हुआ है। शुक्रवार शाम तक रेस्क्यू टीम उसे बाहर नहीं निकाल पाई थी। हादसे के समय लुकस के साथ छत्तीसगढ़ के दो अन्य मजदूर भी टनल के अंदर थे। लुकस के घर में पसरा सन्नाटा:
इलाज के लिए परिवार की चिंता
हादसे की खबर मिलते ही लुकस तोपनो के घर में सन्नाटा पसर गया। परिवार के लोग फोन के माध्यम से पल-पल की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस सूचना नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीण भी लगातार उत्तराखंड में मौजूद मजदूरों और उनके साथियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
हादसे में घायल मजदूर की स्थिति
बेटे को देखने की इच्छा, लेकिन पैसे की कमी:
तपकरा कमडा निवासी 27 वर्षीय हाबिल गुड़िया हादसे में गंभीर रूप से घायल है। वह करीब तीन महीने पहले काम की तलाश में उत्तराखंड गया था। फिलहाल चमोली जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। हाबिल के पिता बोयसा तोपनो ने भावुक होकर कहा कि उन्हें बेटे को देखने की बहुत इच्छा है, लेकिन इतनी दूर जाने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उन्होंने भगवान से बेटे के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
परिवार का भावना
इकलौते बेटे की चिंता में पिता:
पैरा किंसु गांव निवासी 24 वर्षीय निस्तर भेंगरा परिवार का इकलौता बेटा है। वह इसी वर्ष जनवरी में मजदूरी करने उत्तराखंड गया था। हादसे की जानकारी मिलने के बाद उसके पिता रफेल भेंगरा की रातों की नींद उड़ गई है। वे लगातार फोन कर साथियों से बेटे का हालचाल पूछ रहे हैं। पड़ोसी भी उनके घर पहुंचकर उन्हें ढांढ़स बंधा रहे हैं।
परिवार की स्थिति
पत्नी से आखिरी बातचीत के बाद हादसे की खबर:
रोन्हे गांव निवासी 26 वर्षीय दीना भेंगरा ने गुरुवार दोपहर लंच के समय अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। पत्नी के अनुसार दीना ने जल्द पैसा कमाकर घर लौटने की बात कही थी। उसी रात हादसे की खबर आ गई। इसके बाद से परिवार में मातम का माहौल है। परिजन दीना के सुरक्षित होने और जल्द घर लौटने की दुआ कर रहे हैं। इधर, चारों परिवारों के घरों पर ग्रामीणों की भीड़ लगी है। झामुमो प्रखंड अध्यक्ष रुबेन तोपनो, जिला परिषद सदस्य सुशांति कोंगाड़ी, मुखिया प्रदीप गुड़िया, शिशिर तोपनो और विमला डोडराय ने गांव पहुंचकर मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।


