सड़क पर तड़पते रहे चारों, किसी ने नहीं दिखाई इंसानियतवकों के पैर टूटे, एक के सीने पर चढ़ा पहिया
हल्द्वानी में गौलापार-तीनपानी बाईपास पर हुए सड़क हादसे में चार युवकों की जानें गईं। हादसे के दौरान परिजनों ने मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। परिजनों का मानना है कि अगर समय पर मदद मिलती तो जानें बचाई जा सकती थीं।

हल्द्वानी। गौलापार-तीनपानी बाईपास फ्लाईओवर पर शनिवार रात हुए सड़क हादसे ने सिर्फ चार युवकों की जान ही नहीं ली, बल्कि इंसानियत पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। चारों युवक सड़क किनारे तड़पते रहे, इस दौरान उनके परिजन फ्लाईओवर पर गुजरने वाले वाहनों को रोक-रोककर मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और नजरअंदाज कर आगे बढ़ते रहे। मृतक राहुल राजपूत के भाई रामपाल का कहना है कि यदि हादसे के तुरंत बाद किसी ने मानवता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो शायद चारों में से किसी की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दर्द इस बात का है कि मदद की गुहार लगाने के बावजूद लोगों ने मुंह मोड़ लिया। राहुल के पिता किशन पाल ने भी कहा कि समय पर इलाज मिलता तो किसी न किसी की जान बच जाती। रामपाल ने पुलिस कर्मियों पर भी मदद नहीं करने का आरोप लगाया। राहुल लालकुआं में ही केबल कंपनी में काम करता था। पिता किशन पाल खनन का वाहन चलाते हैं। चार भाई बहनों में वह तीसरे नंबर का था। पिता ने आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है。
बीयरशिवा का छात्र आदित्य था अच्छा फुटबालर
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला आदित्य टम्टा बीयरशिवा में 12वीं कक्षा का छात्र था। वह पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही फुटबॉल का अच्छा प्लेयर था। स्कूल स्टाफ ने मोर्चरी पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
अंशु के जाने के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना में हताहत अंशु आर्या परिवार का एकलौता चिराग था। उसके पिता का भी डेढ़ साल पहले निधन हो गया था। वह एक कंपनी में काम कर रहा था, जिससे परिवार भी चलता था। उसकी मां भी घरों में काम करती है। दो महीने पहले ही बड़ी बहन की शादी की थी। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शिवम डिलीवरी कंपनी में भी करता था काम
हादसे में जान गंवाने वाला शिवम कार की टक्कर लगते ही फ्लाईओवर से नीचे रोड पर गिर गया था। बताया जा रहा है कि वह पेंटर होने के साथ-साथ एक फूड डिलीवरी कंपनी में भी काम करता था। रविवार को मोर्चरी पहुंचे पिता बाबूराम बेटा खोने के गम में फूट-फूटकर रोये।
दो युवकों के पैर टूटे, एक के सीने पर चढ़ा पहिया
पोस्टमार्टम में शामिल कर्मियों ने बताया कि हादसे में दो युवकों के पैर टूट चुके थे, जबकि एक के सीने पर कार का पहिया चढ़ गया। गंभीर चोट आने से सभी की मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सभी चीजें साफ हो जाएंगी।
घर से आया बुलावा तो विशाल की बची जिंदगी
राहुल, अंशु, शिवम, आदित्य और विशाल गहरे दोस्त थे। वह रोजाना गौलापार के इसी बाईपास पर मिलते थे। घंटों बातें करते और साथ में पार्टी करते थे। शनिवार को घटना से कुछ देर पहले ही विशाल को घरवालों ने बुला लिया था।
कोट:
घटना दुखद है। कार को कब्जे में लिया है। परिजनों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.मंजूनाथ टीसी, एसएसपी
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