सात दिन पहले घर में गूंजी थीं शहनाइयां, आज एक साथ उठेंगी चार अर्थियां
हादसे के बाद गुमसुम और गमगीन माहौल में खड़े लोग ।-हापुड़ हादसे ने हसनपुर गांव की खुशियां छीनीं-घायल मां को संभालता रहा बेटा तो हर आंख नमखुदागंज, संवा

खुदागंज। सात दिन पहले जिस आंगन में शहनाइयां गूंज रही थीं, रिश्तेदारों की चहल-पहल थी और पूरा परिवार शादी की खुशियों में डूबा था, उसी घर में अब चीख-पुकार और मातम पसरा है। हापुड़ में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर में हर आंख नम है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है और हर जुबान पर उसी दर्दनाक हादसे की चर्चा है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर सभी का एक साथ अंतिम संस्कार होगा। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक अशोक के बड़े भाई रामभजन के पुत्र शिवम की शादी सात जुलाई को हुई थी।
शादी के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। समारोह संपन्न होने के बाद अशोक अपनी पत्नी रिंकी, 14 वर्षीय पुत्र अनुज, बेटी मीनाक्षी और बेटी राधिका के साथ एक ही मोटरसाइकिल से नोएडा लौट रहे थे। परिवार खुशियों के साथ घर से निकला था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद सड़क हादसा पूरे परिवार की जिंदगी बदल देगा।हादसे में अशोक, पुत्र अनुज और दोनों बेटियों की मौत हो गई, जबकि पत्नी रिंकी घायल हो गईं। उपचार के बाद मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जब रिंकी गांव पहुंचीं तो उन्हें देखते ही माहौल और गमगीन हो गया। वह कभी बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़तीं तो कभी अपने पति और बच्चों को याद कर फूट-फूटकर रोने लगतीं। उनका 17 वर्षीय बड़ा बेटा प्रशांत उन्हें संभालने की कोशिश करता रहा। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।


