लंबे सफर पर बाइक की सवारी बन गई परिवार का काल, डिवाइडर बना मौत प्वाइंट

हिन्दुस्तान, हापुड़
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बाबूगढ़ में एक सड़क हादसे में पिता और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई है, जबकि मां अस्पताल में है। अशोक नोएडा में राजमिस्त्री का काम करते थे। परिवार एक खुशी के पल के बाद लौट रहा था, लेकिन उनकी जिंदगी पल भर में बदल गई। इस हादसे ने परिवार के भविष्य को अंधकार में डाल दिया।

लंबे सफर पर बाइक की सवारी बन गई परिवार का काल, डिवाइडर बना मौत प्वाइंट

नियति कभी कभी इतनी क्रूर हो जाती है कि इंसान के पास सिर्फ आंसुओं का सैलाब रह जाता है। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में एनएच 9 पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला और रूह को कंपा देने वाला सड़क हादसा सोमवार को हुआ। जिसमें एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ कर रख दिया। इस भीषण हादसे में पिता और उनके तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि बच्चों की मां अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच का सफर तय कर रही है। मूल रूप से जनपद शाहजहाँपुर के थाना खुदागंज के गांव हसनपुर निवासी अशोक नोएडा में राजमिस्त्री का काम करते थे। जबकि उनकी पत्नी रिंकी भी पति के कंधे से कंधा मिलाकर नोएडा की एक कुर्सी बनाने की कंपनी में काम करती थी। दोनों पति पत्नी दिन रात सिर्फ इसलिए पसीना बहाते थे ताकि उनके चार बच्चों का भविष्य संवर सके। कुछ दिन पहले यह परिवार बेहद खुशी-खुशी अपने गांव में परिवार से मिलने के लिए गया था। अपने से मिलकर, उनकी दुआएं समेटकर जब वे वापस नोएडा लौट रहे थे, तो उनके चेहरों पर फिर से अपनी कर्मभूमि पर लौटने की चमक थी, लेकिन काल एनएच9 पर उनका इंतजार कर रहा था।

भीषण हादसा

भीषण हादसे में उनका सबकुछ खत्म कर दिया। इस हादसे में पिता अशोक और उनके तीन लाड़ले बच्चे अनुज, मीनाक्षी और राधिका की सांसे हमेशा के लिए थम गई। चीख पुकार के बीच जब राहत कार्य शुरू हुआ तो नजारा देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। सभी बुरी तरह लहुलूहान हो गए थे।

अभागी मां को नहीं पता

इस हादेस की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि घायल मां रिंकी अभी हापुड़ के एक अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उपचार करा रही है। वह अभागी मां अभी इस बात से पूरी तरह अनजान है कि उसका सिंदूर उजड़ चुका है और जिन तीन कलेजे के टुकड़ों को उसने नौ महीने अपनी कोख में पाला था, वह कभी उसे मां कहकर नहीं पुकारेंगे।

नोएडा में सूनी आंखों से इंतजार कर रहा बड़ा बेटा

अशोक अपने साथ बड़े बेटे प्रशांत को लेकर नहीं गए थे, वह नोएडा वाले कमरे पर रह रहा है। प्रशांत इस उम्मीद में नोएडा के घर के दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठा था कि उसके माता पिता और भाई बहन गांव की ढेर सारी यादें और उसके लिए मिठाई लेकर लौटेंगे। उसे क्या मालूम था कि अब वह कभी अपने पिता का साया और भाई बहनों का प्यार नहीं पा सकेगा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज पीड़ित के अन्य परिजन को सूचना दे दी है। वह भी हापुड़ के लिए रवाना हो चुके हैं। लेकिन इस हादसे ने जो जख्म दिए हैं, उन्हें वक्त कभी नहीं भर पाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस सड़क हादसे में पिता और उनके तीन मासूम बच्चों की मौत हुई।
Mulit Tyagi

लेखक के बारे में

Mulit Tyagi

मुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।

परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।

कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।

कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

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