मासूम की हत्या के बाद से ही सदमें से नहीं उभर पा रहा आरव का परिवार
मासूम की हत्या के बाद से ही सदमें से नहीं उभर पा रहा आरव का परिवारमासूम की हत्या के बाद से ही सदमें से नहीं उभर पा रहा आरव का परिवारमासूम की हत्या के

बदायूं, संवाददाता। फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में हुए मासूम आरव हत्याकांड के बाद के बाद बदायूं के सियाराम नगर में रहने वाला मासूम का परिवार घटना के बाद से सदमे में है। घर में मासूम आरव के पिता के अलावा उसके ताऊ, चाचा और दादी हैं जो सभी घर के इकलौते बच्चे को यादकर बिलख रहे हैं। आरव के कातिल को फांसी की सजा सुनाई गई तो इस फैसले की जानकारी मिलते ही न्यायालय के फैसले का उन्होंने सम्मान किया और एक बार फिर मासूम को याद कर सभी फफक उठे। दादी का रो-रोकर बुरा हाल है तो मासूम के पिता सुमित उर्फ प्रियांक सदमे से अभी बाहर नहीं आ पा रहे हैं। वह एक ही बात बोल रहे हैं कि मारना था तो उन्हें या फिर उनके परिवार में किसी बड़े को मार देता, उस मासूम ने तो अभी सही से दुनिया भी नहीं देखी थी उसका कसूर क्या था। यह सवाल वह घर पर आने जाने वालों से पूछ रहे हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सियाराम नगर निवासी सुमित उर्फ प्रियांक शर्मा की शादी 18 फरवरी 2024 को शिकोहाबाद की रहने वाली रति शर्मा से हुई थी। दोनों का परिवार की सहमति से यह प्रेम विवाह था। सुमित तीन भाई हैं, वह बड़े से दूसरे नंबर के हैं। उनके पिता सत्यप्रकाश शर्मा होमगार्ड थे और परिवार भी उनका काफी खुशहाल था। चूंकि तीन बेटों में एक ही बेटे सुमित की शादी थी तो परिवार में अलग ही माहौल था। शादी के बाद शुरूआत में दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। इसी बीच 3 नवंबर 2024 को रति ने बेटे को जन्म दिया जिसका नाम सभी ने प्यार से आरव रखा था। चूंकि इस परिवार में वह इकलौता बच्चा था इसलिए दादी, ताऊ, चाचा सभी उसको काफी दुलार करते थे। बच्चा होने के बाद कुछ समय बाद ही रति और सुमित में अनबन शुरू हो गई। सुमित और उनके परिवार की मानें तो रति सुमित से अपने परिवार से अलग रहने को कहती थी। इसी बात पर विवाद बढ़ा और 9 जनवरी 2025 को रति ने अपनी मां और मौसा को बदायूं बुला लिया और वह पुलिस की मौजूदगी में अपने मायके चली गई। इसके बाद वह वापस नहीं आई। इसी बीच 30 मई 2026 को सुमित और उनके परिवार को सूचना मिली कि उनके बच्चे आरव की हत्या कर दी गई है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय का फैसला आने वाला था तो दो दिन पहले ही मासूम आरव के पिता सुमित उर्फ प्रियांक फिरोजाबाद में ही थे। उसकी सजा सुनने के बाद वह शुक्रवार को शाम करीब छह बजे यहां पहुंचे।
सजा के बाद पिता की प्रतिक्रिया
बेसुध पिता बोले: हत्यारे को फंदे पर लटकाए जाना ही होगी असली सजा
बदायूं। सियाराम नगर के रहने वाले मासूम आरव के पिता सुमित बेटे के कातिल को फांसी की सजा सुनने के बाद फिरोजाबाद कोर्ट से अपने घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपना दर्द साझा किया। सुमित ने कहा कि फांसी की सजा का स्वागत है, लेकिन जब तक कातिल को फंदे पर नहीं लटकाया जाएगा तब तक उनको सुकून नहीं मिलेगा। उन्होंने कातिल को जल्द ही फंदे पर लटकाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सजा तो बोली गई है, लेकिन फंदे तक कातिल पहुंचे तभी उनके मन को शांति मिलेगी।


