दोनों किशोर की एक साथ जली चिता, नहीं पहुंचा पिता
हिन्दुस्तान, गाजीपुर
खानपुर में रजहटी गांव में दो बेटों करन और आर्यन की अर्थियां उठीं। दोनों भाई 12 और 10 वर्ष के थे। उनके दादा ने भावुकता के साथ उन्हें मुखाग्नि दी, जबकि पिता अर्जुन राजभर उपस्थित नहीं थे। आसपास के लोग और परिवार जन भी इस मासूमियत के नुकसान पर शोक मना रहे थे।

खानपुर। खानपुर थाना क्षेत्र के रजहटी गांव में जिन दो बेटों की किलकारियां गूंजती थीं, उसी घर से उनकी अर्थियां उठी। गुरुवार की देर रात जौहरगंज में 12 वर्षीय करन और 10 वर्षीय आर्यन की चिताएं एक साथ सजाई गईं, तो मौजूद हर किसी के आंख नम हो गयी थी। दादा लालजी ने दोनों पोतों को मुखाग्नि देते हुए बिलख कर रो पड़े। लेकिन इस दौरान भी दोनों किशोर के पिता अर्जुन राजभर मौजूद नहीं रहा। किशोर के दादा लालजी ने कहा कि जिस हाथ से नाती को दुलारा, आज उन्हीं दोनों को मुखाग्नी देना पड़ा। वह बार बार फूट-फूटकर रोते रहे।
आसपास खड़े परिजन भी अपने आंसू नहीं रोक सके। दोनों भाइयों को खो चुकी नौ वर्षीय प्रतिभा भाइयों को याद कर रो रही थी।


