यमुना में डूबे दो छात्रों के शव 72 घंटे बाद बरामद
दो और डूबे किशोरों की तलाश जारी अलीपुर इलाके में रविवार शाम को नहाने

दो और डूबे किशोरों की तलाश जारी अलीपुर इलाके में रविवार शाम को नहाने के दौरान यमुना में डूबे थे चार छात्र
घटना का विवरण
नई दिल्ली, प्रसं। दिल्ली के हिरंकी इलाके के पास यमुना नदी में डूबे चार किशोरों में से दो के शव बुधवार को 72 घंटे बाद बरामद कर लिए गए। मृतकों की पहचान 15 वर्षीय अमनदीप और राहुल के रूप में हुई है।
तलाशी अभियान
अलीपुर थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, सौरभ और अंशुल नाम के दो अन्य किशोरों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम इब्राहिमपुर निवासी चार किशोर छात्र हिरंकी के पास यमुना में नहाने गए थे। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से चारों डूब गए। गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने रविवार से ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। सोमवार और मंगलवार को भी खोजबीन की गई, लेकिन तेज बहाव और नदी के मटमैले पानी के कारण अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शवों की बरामदगी
बुधवार को गोताखोरों ने एक बार फिर प्रतिक्रियाएँ सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजनों को सौंपे जाएंगे।
अमनदीप के पिता महेंद्र ने बताया कि हादसे के बाद से परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा सुरक्षित लौट आएगा, लेकिन समय बीतने के साथ यह उम्मीद खत्म हो गई। अमनदीप आठ भाई-बहनों में सबसे छोटा था और स्थानीय सरकारी स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था। वह एनसीसी कैडेट था और सेना में जाने का सपना देखता था।
वहीं, राहुल के पिता सतीश ने बताया कि उनका बेटा दो भाइयों में बड़ा था और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जल्द अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता था। वह सेना और पुलिस में भर्ती होने की तैयारी के लिए एनसीसी से जुड़ा था। सतीश बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए रायबरेली से दिल्ली आए थे, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।
सौरभ और अंशुल के परिजन भी इस घटना के बाद से सदमे में हैं। दोनों किशोरों के घरों में रविवार से ही मातम पसरा है। अमनदीप और राहुल के शव मिलने के बाद अब परिवारों में अनहोनी की आशंका और बढ़ गई है। बचाव दल लगातार दोनों लापता किशोरों की तलाश में जुटा हुआ है।
प्रश्न एवं उत्तर
लेखक के बारे में
Hemant Kumar Pandeyशॉर्ट बायो : हेमंत कुमार पांडेय वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान अखबार के दिल्ली संस्करण में क्राइम, कानून एवं राजनीतिक-सामाजिक विषयों से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
हेमंत कुमार पांडेय राजधानी दिल्ली की क्राइम रिपोर्टिंग में स्थापित नाम हैं। वह वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह वर्ष 2013 से हिंदु्स्तान दिल्ली टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान अपराध के बदलते ट्रेंड पर भी मजबूत पकड़ रखते हैं। खासतौर पर आर्थिक अपराध और साइबर अपराध। उन्होंने वर्ष 2017 से साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों पर रिपोर्टिंग किया है। इस बीते दस सालों में क्राइम की कई बड़ी ब्रेकिंग की जिसमें बुराड़ी में बसपा नेता समेत छह की हत्या, श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस, एआई के इस्तेमाल सुलझा हत्या का मामला और महिला कांस्टेबल का दो साल बाद मिला कंकाल आदि खबरें प्रमुख हैं।
करियर का सफर
हेमंत ने करियर की शुरुआत में प्रथम प्रवक्ता मैगजीन के लिए रिपोर्टिंग की। फिर वर्ष 2009 में डीएलए नाम के सांध्य कालीन अखबार से करियर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष वह 2011 में न्यूज एजेंसी आईएएनएस की टीम का हिस्सा बने। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं समसामयिकी मुद्दों से जुड़ी खबरों का अनुवाद करने का अनुभव मिला। फिर वर्ष 2013 जनवरी में दैनिक भाष्कर की दिल्ली और अक्तूबर में हिंदुस्तान दिल्ली टीम का हिस्सा बने।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
हेमंत ने B.Sc (बायोलॉजी) के बीएड एवं मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा की डिग्री ली। इस दौरान सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान इतिहास, भूगोल, अर्थ व्यवस्था, समसामयिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और सामाजिक समस्याओं को लेकर एक समझ विकसित हुई। क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान इससे सहायता मिली।
क्राइम रिपोर्टिंग एवं इसके आयाम
हेमंत की क्राइम रिपोर्टिंग के विभिन्न पक्षों पर गहरी पकड़ है। खासतौर पर कानून के प्रति समझ एवं पुलिस विभाग में अंदर तक पैठ है जिसकी वजह से एक्सक्लूसिव खबरें सही तथ्यों के साथ निकालकर पाठकों के लिए लाते हैं। हेमंत की रिपोर्टिंग सही और सटीक तथ्यों पर टिकी है।
विशेषज्ञता
साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, गैंगवार


