धावा नदी में डूबने से हुई मजदूर की मौत, पेज 3 लीड
गुलाब बिगहा से मजदूरी कर लौटते समय हादसा, ग्रामीणों ने नदी का किनारा बंधवाने की मांग की श रिकियासन की मौत हो गई। घटना शुक्रवार शाम की है। मृतक मोहनपुर गांव निवासी स्व. रामदेव रिकियासन का पु

रफीगंज प्रखंड के गुलाब बिगहा और मोहनपुर गांव के बीच धावा नदी में डूबने से 38 वर्षीय मजदूर जुगेश रिकियासन की मौत हो गई। घटना शुक्रवार शाम की है। मृतक मोहनपुर गांव निवासी स्व. रामदेव रिकियासन का पुत्र था। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि रमेश चौहान ने बताया कि जुगेश सुबह घर से मजदूरी करने गुलाब बिगहा गए थे। शाम में लौटने के दौरान नदी पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आ गए और डूब गए। सूचना मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि राजेश पासवान, पंचायत समिति सदस्य हस्सान सिद्दीकी, जिला 20 सूत्री सदस्य अतीक ख्वाजा रजा और बबलू सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने नदी का किनारा बंधवाने की मांग की है। उनका कहना है कि तेज बहाव के कारण हर साल गांव में पानी घुस जाता है और मिट्टी का कटाव होता है। मृतक की पत्नी सोनी देवी और पुत्र सोनू, रौशन व चिंटू का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर थानाध्यक्ष शंभू कुमार, एसआई आकाश कुमार और एसआई सुधांशु कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया।
अन्य डूबने की घटनाएं
इस बरसात ने दर्जनों बच्चों को किया अनाथ औरंगाबाद जिले में कुछ ही दिन हुई बरसात ने कई बच्चों को अनाथ कर दिया। कई परिवार उजड़ गए। किसी के सिर से पिता का तो किसी के सिर से मां का साया उठ गया। इस बरसात के शुरू होने के बाद से ही विभिन्न प्रखंडों में डूबने की घटनाओं में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। कहीं नाला पार करने के दौरान तो कहीं नदी, आहर, पोखर आदि में नहाने के क्रम में लोग डूब गए। मदनपुर और रफीगंज प्रखंड में डूबने से सबसे अधिक मौतें हुई हैं। इसके अलावा नवीनगर, ओबरा, गोह और हसपुरा प्रखंड में भी डूबने की घटनाएं सामने आई हैं। डूबने वालों में बच्चे, युवक, युवतियां, महिलाएं और बुजुर्गों शामिल है। इस बार बारिश होने के साथ ही कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकांश जगहों पर लोगों की लापरवाही के कारण ही हादसे हुए हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिले में हुई इन घटनाओं के बाद प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने की प्रक्रिया भी की जा रही है। कुछ मामलों में मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा चुका है जबकि कई मामलों में मृतकों के परिजनों को अब भी मुआवजे का इंतजार है।


