लापता युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला
जहांगीरगंज के इंदौरपुर गांव निवासी अंकित यादव का शव आजमगढ़ के एक गांव में पेड़ से लटकता मिला। मानसिक बीमारी से पीड़ित अंकित एक सप्ताह पहले लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी पहचान कपड़ों और चप्पलों के आधार पर की। उसकी मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

जहांगीरगंज, संवाददाता। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के इंदौरपुर घिनहापुर गांव निवासी एक युवक का शव सीमावर्ती जिले आजमगढ़ के एक गांव में पेड़ से लटकता हुआ मिला। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक युवक एक सप्ताह पहले लापता हो गया था। बताया जाता है कि राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के इंदौरपुर घिन्हापुर पोखरा निवासी अंकित यादव पुत्र इंद्रभान यादव सीमावर्ती जिले आजमगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीखपुर गांव स्थित अपने ननिहाल में रहता था। परिजनों के मुताबिक वह करीब 15-16 वर्षों से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाता था। एक सप्ताह पहले भी वह अपने ननिहाल से लापता हो गया था। परिजनों और ननिहाल वालों ने काफी खोजबीन किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच 3 सितंबर को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बार्डर पर स्थित आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भगतपुर गांव में पेड़ से रस्सी के सहारे एक युवक का शव लटकता हुआ मिला। युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। सोशल मीडिया पर शव मिलने की खबर देखकर अंकित के परिजन अतरौलिया थाने पहुंचे तो फोटो, कपड़े और चप्पल के आधार पर मृतक युवक के शव को अंकित का शव होने की आशंका जताई। इसके बाद परिजन आजमगढ़ स्थित मर्चरी हाउस जाकर शव की शिनाख्त की। शुक्रवार को उसका शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। मां गिरिजा देवी और भाई अमित यादव का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के सकुशल लौटने की उम्मीद में परिवार एक सप्ताह से उसकी तलाश कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने परिजनों को झकझोर दिया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ था युवक
बताया जा रहा है कि अंकित बचपन से ही अपने ननिहाल भीखपुर गांव निवासी दयानंद यादव के यहां रहता था। उसका मानसिक बीमारी का इलाज गोरखपुर से चल रहा था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण वह कई बार अचानक घर से निकल जाता था और कुछ दिनों बाद वापस लौट आता था। वर्ष 2024 में भी उसके लापता होने पर राजेसुल्तानपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।


