बारिश में कच्चे मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर अधेड़ की मौत

हिन्दुस्तान, कन्नौज
Follow us on Google News
share

तालग्राम में तेज बारिश के दौरान एक कच्चे मकान की छत गिरने से राम सिंह पटेल की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि राम ने पक्के आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन योजना का लाभ नहीं मिला, जिससे उन्हें जर्जर मकान में रहना पड़ा। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।

बारिश में कच्चे मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर अधेड़ की मौत

तालग्राम, संवाददाता। तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान की छत भरभराकर गिरने से मलबे में दबकर अधेड़ की मौत हो गई। हादसे के बाद स्वजन और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। स्वजन का आरोप है कि मृतक ने पक्के आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिला। जर्जर मकान में रहने की मजबूरी में उसकी जान चली गई। थाना क्षेत्र के माधौनगर गांव निवासी राम सिंह पटेल (40) पुत्र रघुवर कई वर्षों से कच्चे मकान में अकेले रह रहे थे। सोमवार रात क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी।

राम सिंह मकान के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक कच्चे मकान की छत भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर स्वजन भी पहुंच गए और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर राम सिंह को बाहर निकाला। मलबे से बाहर निकालने के बाद स्वजन ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। बताया गया कि राम सिंह अविवाहित थे। उनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद वह अपने चाचा अमित पटेल के सहारे थे। चाचा ने बताया कि राम सिंह के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं था। उन्होंने आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि यदि समय रहते पक्का आवास मिल जाता तो राम सिंह को जर्जर कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। लगातार बारिश के कारण मकान की छत पहले से ही कमजोर बताई जा रही थी। सोमवार रात बारिश के बीच छत अचानक गिरने से राम सिंह उसके नीचे दब गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और पात्र लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। मंगलवार को स्वजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गंगा घाट लेकर चले गए। घटना के बाद गांव में मातम पसरा रहा।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsबारिश में कच्चे मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर अधेड़ की मौत