Tragic Congress leader Priyaranjan Dasmunshi died today at the age of 72 - दुखद:नहीं रहे प्रियरंजन दासमुंशी,खेलों के प्रसारण पर लिया था ये फैसला DA Image

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दुखद:नहीं रहे प्रियरंजन दासमुंशी,खेलों के प्रसारण पर लिया था ये फैसला

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व संचार-प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी का सोमवार को निधन हो गया। पिछले 9 साल वे कोमा में थे और काफी बीमार चल रहे थे। 72 साल की उम्र में इनका निधन हुआ है। आज सुबह ही उन्होंने दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस ली है। बताया जा रहा है कि उनका शव कांग्रेस मुख्यालय में रखा जाएगा। उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी उनके काम को काफी सशक्त तरीके से आगे बढ़ा रही हैं। 

बंगाल की राजनीति में अहम योगदान

दासमुंशी साल 2008 से बीमार हैं। उन्हें कांग्रेस का दिग्गज नेता कहा जाता है। बंगाल की राजनीति में उनके योगदान को भूल पाना मुश्किल है। 2008 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उस वक्त वे यूपीए सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री के तौर पर कार्यरत थे। उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उनका दिमाग काम करना बंद कर चुका था। उनकी नसें अंदर से प्रभावित हो गई थी। शरीर में कोई हलचल नहीं थी। वे कोमा में चले गए थे। उनके शरीर के अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। 

2009 में जब दासमुंशी अस्पताल में संघर्ष कर रहे थे तो उनकी लोकसभा सीट रायगंज से उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी ने जीतीं। इस सीट के बारे में माना जाता है कि 1998 का चुनाव हारने के बाद यहां संगठन को पूरी तरह से खड़ा करने का काम प्रिय रंजन दासमुंशी ने ही किया था। 2014 में भी दीपा की जीत पक्की मानी जा रही थी, लेकिन प्रियरंजन दासमुंशी के भाई सत्यरंजन दासमुंशी भी तृणमूल के टिकट पर चुनावी मैदान में कूद गए। परिवार में खींचतान की वजह से माकपा ने चुनाव जीत लिया। 

साल 2014 से पहले दीपा दासमुंशी सांसद रह चुकी हैं लेकिन कांग्रेस जब सत्ता से बेदखल हुई तब साल 2014 में दीपा भी सांसद नहीं रहीं। प्रियरंजन काफी समय से ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने कई बार कहा कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले उनका इलाज एम्स में हो रहा था लेकिन फिर उन्हें अपोलो में ट्रांसफर किया गया।

ऐसा रहा सफर राजनीतिक सफर

सूचना प्रसारण मंत्री के तौर पर वे काफी चर्चा में रहते थे। कभी एएक्सएन और फैशन टीवी पर प्रतिबंध लगाया। खेलों के प्रसारण का अधिकार दूरदर्शन को दिलाया। 13 नवंबर, 1945 को जन्मे प्रिय रंजन दासमुंशी महज 25 साल की उम्र में 1970 में पश्चिम बंगाल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए थे। 1971 में वे संसद में पहुंच गए। यहां से वे लगातार राजनीति में आगे बढ़ते गए। 1985 में वे पहली बार केंद्र में मंत्री बने। 20 साल तक ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। 

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